ब्रेकिंग
Ashley Madison May Shortly Supply â € ˜Cheating Coaches 'For Married Users Led di a Dynamic Duo, Elegant Introductions features Boutique Matchmaking per datari di alto livello Reduces costs of the Merger Process दिल्ली सीमा पर डटे किसानों को हटाने पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, CJI बोले- बात करके पूरा हो सकता है मकसद UP के अगले विधानसभा चुनाव में ओवैसी-केजरीवाल बिगाड़ सकते हैं विपक्ष का गणित सावधान! CM योगी का बदला मिजाज, अब कार से करेंगे किसी भी जिले का औचक निरीक्षण संसद का शीतकालीन सत्र नहीं चलाने पर भड़की प्रियंका गांधी पाक सेना ने राजौरी मे अग्रिम चौकियों पर गोलीबारी की संत बाबा राम सिंह की मौत पर कमलनाथ बोले- पता नहीं मोदी सरकार नींद से कब जागेगी गृह मंत्री के विरोध में उतरे पूर्व सांसद कंकर मुंजारे गिरफ्तार, फर्जी नक्सली मुठभेड़ को लेकर तनाव

कोरोना का असर- दुनिया के सबसे शक्तिशाली देशों की सूची में फिसला भारत

दुनिया के सबसे शक्तिशाली देशों की साल 2020 की लिस्ट जारी हुई है। हर साल की तरह इस बार भी इस लिस्ट में टॉप पर अमेरिका है। वहीं इस साल भारत दो पायदान नीचे खिसक गया है। इस साल की सूची में सबसे ज्यादा तेजी से ऊपर बढ़ने वाले देशों में वियतनाम पहले पर काबिज है। दूसरे नंबर पर ऑस्ट्रेलिया और तीसरे पर ताइवान काबिज है। साल 2019 में भारत सबसे शक्तिशाली देशों की लिस्ट में शुमार था लेकिन इस बार कोरोना के कारण भारत लिस्ट से बाहर हो गया है। सिडनी स्थित लोवी इंस्टीट्यूट के एशिया पावर इंडेक्स 2020 के अनुसार, 2019 में भारत का पावर स्कोर 41.0 था जो 2020 में घटकर 39.7 हो गया है। इस लिस्ट में जिस देश का स्कोर 40 या इससे अधिक होता है उसे दुनिया की प्रमुख शक्ति माना जाता है।

लोवी इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट के मुताबिक एशिया का दूसरा सबसे अधिक आबादी वाला देश अब मध्य शक्ति वाली सूची में चला गया है। हालांकि, आने वाले सालों में यह देश फिर से इस सूची में शामिल हो सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इंडो-पैसिफिक के सभी देशों के बीच भारत ने कोरोना वायरस के कारण विकास की क्षमता को खो दिया है। लोवी इंस्टीट्यूट ने कहा कि 2030 तक भारतीय अर्थव्यवस्था मूल रूप से महामारी से पहले के पूर्वानुमान की तुलना में 13 फीसदी कम रहेगी। इस कारण भारतीयों के खरीद करने की क्षमता पर भी नकारात्मक असर पड़ेगा।

इससे भविष्य के संसाधनों के माप (फ्यूचर रिसोर्स मिजर्स) पर भारत के स्कोर में लगभग पांच अंक की गिरावट आई है। बता दें कि ऑस्ट्रेलिया का लोवी इंस्टीट्यूट हर साल दुनिया के प्रमुख देशों की आर्थिक क्षमता, सैन्य क्षमता, आंतरिक स्थिति, भविष्य की प्लानिंग, दूसरे देशों से आर्थिक संबंध, डिफेंस नेटवर्क, राजनीतिक और कूटनीतिक प्रभाव और सांस्कृतिक प्रभाव का अध्ययन कर इस सूची को जारी करता है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

AIB News