किसानों को बड़ी राहत: गेहूँ उपार्जन का 10,403 करोड़ रुपये भुगतान, 23 मई तक जारी रहेगी खरीदी
किसानों को बड़ी राहत: गेहूँ उपार्जन का 10,403 करोड़ रुपये भुगतान, 23 मई तक जारी रहेगी खरीदी

इंदौर: मध्यप्रदेश में समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन का कार्य तेज़ी से जारी है। मुख्यमंत्री Mohan Yadav की सतत मॉनीटरिंग और उपार्जन केन्द्रों के औचक निरीक्षण के चलते किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा अब तक किसानों को उपार्जित गेहूँ के बदले 10,403.17 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। गेहूँ खरीदी का कार्य 23 मई तक जारी रहेगा।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री Govind Singh Rajput ने बताया कि प्रदेश में अब तक 9 लाख 38 हजार किसानों से 56 लाख 45 हजार मीट्रिक टन गेहूँ की खरीदी की जा चुकी है। किसानों की सुविधा को देखते हुए तौल पर्ची बनाने का समय शाम 6 बजे से बढ़ाकर रात 10 बजे तक तथा देयक जारी करने का समय रात 12 बजे तक कर दिया गया है। उपार्जन कार्य सप्ताह में सोमवार से शनिवार तक संचालित हो रहा है।
उपार्जन केन्द्रों पर व्यवस्थाओं को मजबूत करने के लिए तौल कांटों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 की गई है। साथ ही जिलों को आवश्यकता अनुसार अतिरिक्त तौल कांटे बढ़ाने का अधिकार भी दिया गया है। एनआईसी सर्वर की क्षमता बढ़ाकर उपार्जन प्रक्रिया को और सुगम बनाया गया है। खाद्य विभाग द्वारा प्रति घंटे उपार्जन की मॉनीटरिंग की जा रही है।
सरकार द्वारा किसानों के लिए उपार्जन केन्द्रों पर पीने का पानी, छायादार बैठने की व्यवस्था, टेंट, साफ-सफाई और अन्य मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। रामकोट ग्राम के किसान रामचरण अन्ना ने बताया कि उनकी ट्रॉली मात्र 10 मिनट में खाली हो गई और केन्द्र पर सभी व्यवस्थाएँ बेहतर थीं। वहीं ग्राम पंचायत मानपुरा के किसान गोपाल सिंह ने भी पानी, छाया और बैठने की सुविधाओं की सराहना की।
प्रदेश में किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य तथा 40 रुपये बोनस सहित कुल 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूँ खरीदा जा रहा है। सरकार द्वारा बारदाने, भंडारण एवं अन्य व्यवस्थाएँ भी पर्याप्त मात्रा में सुनिश्चित की गई हैं, ताकि उपार्जित गेहूँ का सुरक्षित भंडारण किया जा सके।
