ब्रेकिंग
पेट्रोल-डीजल बचत पर बड़ा फैसला: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घटाया अपना कारकेड हरियाणा की 5.72 लाख रुपए कीमत की अवैध शराब पकड़ाई, इंदौर आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई ट्रैक्टर का चालक नशे में मिला, इंदौर ट्रैफिक पुलिस की सतर्कता से टला बड़ा हादसा! ट्रैक्टर पर लगा था नगर निगम का बोर्ड नगर निगम कार्य में लगे ट्रैक्टर का चालक नशे में पकड़ा, ट्रैफिक पुलिस की सतर्कता से टला हादसा किसानों को बड़ी राहत: गेहूँ उपार्जन का 10,403 करोड़ रुपये भुगतान, 23 मई तक जारी रहेगी खरीदी विद्यार्थियों को दूसरा मौका, सपनों को नई उड़ान देने का संकल्प : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पीले चावल बांटकर किसान आंदोलन का न्योता, 7 मई 2026 के चक्काजाम से पहले की जारी की गई एडवाइजरी इंदौर में अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन सट्टा गिरोह का भंडाफोड़, ‘डायमंड सर्वर’ से चल रहा था नेटवर्क 23,437 करोड़ की 3 बड़ी रेलवे परियोजनाओं को मंजूरी, 6 राज्यों में बढ़ेगा रेल नेटवर्क इंदौर आबकारी विभाग की कार्रवाई: स्कूटर से शराब जब्त, दो आरोपी गिरफ्तार

जूट पर कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन का कहर, बारदानों की कीमत छूने लगी आसमान

धान खरीद की प्रक्रिया शुरू होने से पहले बारदाने की कीमतों में उछाल शुरू हो गई है। छत्तीसगढ़ में 8.50 लाख क्विंटल धान की खरीदी होनी है और इसके लिए 22 करोड़ बारदाने की जरूरत है। कोरोना संक्रमण और जूट बोआई के समय देशव्यापी लाकडाउन के चलते जूट उत्पादन में भारी गिरावट आई है। यही कारण है कि नए और पुराने बारदानों की कीमतें तेजी के साथ बढ़ रही हैं।

बारदाना आपूर्तिकर्ताओं की तरफ से समर्थन मूल्य पर कृषि उपज की खरीदी करने वाले राज्यों को जवाब दे दिया गया है कि उनकी मांग पूरी नहीं की जा सकेगी। इसलिए राज्य अब प्लास्टिक बैग, पुराने बारदाने और पीडीएस के बारदाने ले रहे हैं, लेकिन इसकी व्यवस्था भी मुश्किल है।

40 किलोग्राम की भरती वाले बारदाना की खरीदी पर इस बार 24 से 26 रुपये प्रति नग देने होंगे। बीते साल यह 20 से 22 रुपये प्रति नग पर मिल रहे थे। प्लास्टिक बैग का चलन बढ़ने से यह भी प्रति नग पांच से सात रपये महंगा हो चुका है। नया जूट बारदाना 50 से 55 रुपये प्रति नग की दर पर खरीदा जा सकेगा। 80 किलोग्राम की भरती वाला बारदाना चलन से बाहर होता जा रहा है फिर भी इसकी खरीदी 90 से 100 रुपये की दर से होगी।

खरीफ फसल की तैयारी में लगे किसानों और मिलों को बारदाना की खरीदी पर झटका लगने वाला है। नए बारदाने की कीमत तो क्रय शक्ति से बाहर जा चुकी है। वहीं पुराना बारदाना भी झटका देने के लिए बाजार में पहुंच चुका है। और तो और सुतली तक का भाव बढ़ गया है। इसके पीछे की वजह कोरोना संक्रमण है। देश में जूट उत्पादक राज्यों में पश्चिम बंगाल का नाम पहले नंबर पर है, लेकिन इस बार मार्च महीने में बोआई के समय में कोरोना वायरस के खौफ कारण जूट उत्पादक किसानों घरों में कैद हो गए थे।

ये हैं बड़े खरीदार राज्य

बारदाना खरीदने वालों में छत्तीसगढ़ के अलावा पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश,उत्तर प्रदेश और केरल प्रमुख हैं। इसलिए इन राज्यों के सामने अब पुराना बारदाना या फिर प्लास्टिक बैग और पीडीएस के बारदाने विकल्प रह गए हैं।

छत्‍तीसगढ़ के स्‍टाकिस्‍ट विनय कुमार का कहना है कि कोरोना संकट के कारण इस बार जूट का रकबा घट गया है। उत्पादन कम होने के कारण बारदाने का संकट अभी से ही सामने आने लगा है। जूट मिलों ने आपूर्ति करने से इन्कार कर दिया है। हम भी आपूर्ति नहीं कर पा रहे हैं।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.