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सुरजेवाला ने कहा- किसानों के आंदोलन की आंच को धीमी नहीं पड़ने देगी कांग्रेस

नई दिल्ली। कृषि सुधार कानूनों के खिलाफ किसानों के बड़े आंदोलन का नैतिक और मुखर समर्थन कर रही कांग्रेस इसमें विपक्षी दलों की सक्रिय भूमिका की रूपरेखा पर क्षेत्रीय दलों से बातचीत कर रही है। किसानों और सरकार के बीच सुलह के फार्मूले पर कायम गतिरोध को देखते हुए विपक्षी दल आंदोलन में अपनी आगे की भूमिका की रूपरेखा बना रहे हैं।

किसानों की मांग से जुड़े मुददों पर क्षेत्रीय दलों से हुई कांग्रेस की बातचीत

किसानों की मांग से जुड़े मुददों पर क्षेत्रीय दलों से कांग्रेस की हुई बातचीत का सार है कि विपक्षी दलों को भी किसान आंदोलन से इतर राजनीतिक घेराबंदी के जरिए सरकार पर दबाव बढ़ाना चाहिए। इसमें संसद का सत्र बुलाकर किसानों की मांग पर चर्चा कर तीन कृषि कानूनों को रदद करने के लिए भी दबाव बनाने का प्रस्ताव शामिल है। विपक्षी दल इससे वाकिफ हैं कि किसानों के मौजूदा आंदोलन को किसान संगठन गैर राजनीतिक रखना चाहते हैं ताकि सरकार को बैकफुट पर रखा जा सके, लेकिन विपक्ष को आंदोलन के राजनीतिक स्वरूप की जरूरत भी लग रही है। इसीलिए संसद सत्र बुलाने के साथ राजनीतिक घेरेबंदी के दूसरे विकल्पों पर मंत्रणा का दौर चल रहा है।

कांग्रेस किसानों के समर्थन में अपने राजनीतिक कार्यक्रमों की तय करेगी रूपरेखा 

कांग्रेस सूत्रों ने कहा कि अब तक की चर्चा के संकेतों से साफ है कि विपक्षी दल चाहे तत्काल संयुक्त विरोध आंदोलन की रूपरेखा तय नहीं कर पाएं मगर अपने स्तर पर वे विरोध प्रदर्शन का सिलसिला शुरू करेंगे। सरकार और किसानों के बीच नौ दिसंबर की वार्ता के नतीजों के बाद कांग्रेस किसानों के समर्थन में अपने राजनीतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा तय करेगी। वैस पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी शुरू से कृषि कानूनों का न केवल मुखर विरोध कर रहे हैं बल्कि किसानों के आंदोलन का नैतिक समर्थन कर रहे हैं। किसानों का आंदोलन शुरू होने से पहले ही राहुल ने पंजाब और हरियाणा में तीन दिनों तक ट्रैक्टर रैलियां की। सरकार-किसानों के बीच शनिवार की वार्ता से पहले भी राहुल गांधी ने किसानों की मांग की पैरोकारी करते हुए ट्वीट में कहा कि बिहार का किसान एमएसपी-एपीएमएसी के बिना बेहद मुसीबत में है और अब पीएम ने पूरे देश को इसी कुएं में धकेल दिया है। ऐसे में अन्नदाता किसानों का साथ देना हमारा कर्तव्य है।

सुरजेवाला ने कहा- सरकार को राजहठ त्याग कर राजधर्म मानना चाहिए

कांग्रेस मीडिया विभाग के प्रमुख रणदीप सुरजेवाला ने भी सरकार से राजहठ त्याग राजधर्म मानने की बात कहते हुए कथित तीनों काले कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग की। इन बयानों का संकेत साफ है कि किसानों के आंदोलन की आंच को कांग्रेस धीमी नहीं पड़ने देगी।

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