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माल्‍या के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय की बड़ी कार्रवाई, फ्रांस में 16 लाख यूरो की संपत्तियां जब्‍त की

नई दिल्‍ली। प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) ने भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्‍या के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। समाचार एजेंसी एएनआइ के मुताबिक, प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने धन शोधन रोधी कानून के तहत फ्रांस में विजय माल्‍या की 16 लाख यूरो (14 करोड़ रुपये) की संपत्ति जब्‍त की है। ईडी ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि हमने फ्रांसीसी अधिकारियों से इस कार्रवाई की गुजारिश की थी। इसके बाद फ्रांसीसी अधिकारियों ने संपत्ति जब्‍त की।

फ्रांस में यह संपत्ति 32 एवेन्यू एफओसीएच में स्थित है। प्रवर्तन निदेशालय ने बताया कि जब्त की गई संपत्ति का मूल्य लगभग 14 करोड़ रुपए है। ईडी की मानें तो धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत की गई जांच में पाया गया था कि संपत्ति के निर्माण के लिए किंगफिशर एयरलाइंस लिमिटेड के बैंक खाते से एक बड़ी राशि विदेश भेजी गई थी। मालूम हो कि माल्या नौ हजार करोड़ रुपये के बैंक कर्ज धोखाधड़ी मामले में आरोपी हैं।

वह देश छोड़कर फरार हो चुका है। मार्च 2016 से ही वह ब्रिटेन में हैं। बीते मई महीने में ही माल्या ब्रिटेन के सुप्रीम कोर्ट में मनी लांड्रिंग एवं हजारों करोड़ की धांधली के मामले में भारत में प्रत्यर्पण के खिलाफ अपनी अपील हार गया था।

ब्रिटिश सुप्रीम कोर्ट में माल्या की शिकस्‍त के बाद से भारत लगातार ब्रिटेन पर भगोड़े शराब कारोबारी के प्रत्यर्पण के लिए दबाव बना रहा है। बीते दिनों भारत के विदेश सचिव हर्षव‌र्द्धन श्रृंगला जब लंदन यात्रा पर गए थे तो भारत ने माल्या और नीरव मोदी को जल्द भारत के हवाले किए जाने की मांग ब्रिटेन सरकार से की थी। उन्‍होंने दोनों के प्रत्यर्पण के लिए ब्रिटेन की गृह मंत्री प्रीति पटेल और दक्षिण एशियाई मामलों के विदेश मंत्री लॉर्ड तारिक अहमद से बात की थी।

वहीं ब्रिटेन का कहना है कि माल्या को भारत के हवाले तब तक नहीं किया जाएगा जब तक कि गोपनीय कानूनी मामले का समाधान नहीं हो जाता है। फि‍लहाल ब्रिटेन और भारत इस मामले को जल्द सुलझाने की कोशिशें कर रहे हैं। ब्रिटेन की कार्यकारी हाई कमिश्नर जैन थाम्पसन ने कहा था कि माल्या को प्रत्यर्पित करने से पहले एक जरूरी कानूनी मसले को सुलझाना होगा। इसके सुलझने तक प्रत्यर्पण नहीं हो सकता है। हालांकि उन्‍होंने इस मसले के बारे में नहीं बताया था।

बीते दिनों भारत के सर्वोच्‍च न्‍यायालय ने किंगफिशर एयरलाइंस लिमिटेड की पैरेंट कंपनी यूनाइटेड ब्रिवरीज होल्डिंग्स लिमिटेड को बंद करने के खिलाफ माल्या की याचिका को खारिज कर दिया था। माल्‍या की कंपनी ने कर्नाटक उच्च न्यायालय के किंगफिशर एयरलाइंस का बकाया वसूलने के लिए यूएचबीएल को बंद करने के आदेश को चुनौती दी थी। एसबीआइ के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम ने यूबीएचएल की संपत्तियों को बेचकर कर्ज वसूलने का रास्ता अपनाया है।

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