ब्रेकिंग
पेट्रोल-डीजल बचत पर बड़ा फैसला: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घटाया अपना कारकेड हरियाणा की 5.72 लाख रुपए कीमत की अवैध शराब पकड़ाई, इंदौर आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई ट्रैक्टर का चालक नशे में मिला, इंदौर ट्रैफिक पुलिस की सतर्कता से टला बड़ा हादसा! ट्रैक्टर पर लगा था नगर निगम का बोर्ड नगर निगम कार्य में लगे ट्रैक्टर का चालक नशे में पकड़ा, ट्रैफिक पुलिस की सतर्कता से टला हादसा किसानों को बड़ी राहत: गेहूँ उपार्जन का 10,403 करोड़ रुपये भुगतान, 23 मई तक जारी रहेगी खरीदी विद्यार्थियों को दूसरा मौका, सपनों को नई उड़ान देने का संकल्प : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पीले चावल बांटकर किसान आंदोलन का न्योता, 7 मई 2026 के चक्काजाम से पहले की जारी की गई एडवाइजरी इंदौर में अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन सट्टा गिरोह का भंडाफोड़, ‘डायमंड सर्वर’ से चल रहा था नेटवर्क 23,437 करोड़ की 3 बड़ी रेलवे परियोजनाओं को मंजूरी, 6 राज्यों में बढ़ेगा रेल नेटवर्क इंदौर आबकारी विभाग की कार्रवाई: स्कूटर से शराब जब्त, दो आरोपी गिरफ्तार

जम्मू कश्मीर के लोगों के पास संपत्ति बेचने, नहीं बेचने के बारे में फैसला करने का अधिकार : सिंह

नयी दिल्ली:  केन्द्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त किये जाने और भूमि कानूनों में बदलाव के कारण देशभर के लोग जम्मू कश्मीर में संपत्ति खरीद सकते हैं। उन्होंने कहा कि केन्द्र शासित प्रदेश के लोगों के पास संपत्ति बेचने या नहीं बेचने के संबंध में फैसला करने का अधिकार है।

उन्होंने दावा किया कि कश्मीर केंद्रित ‘तथाकथित मुख्यधारा के नेता परेशान दिखाई दे रहे हैं, क्योंकि वे जम्मू क्षेत्र में इतनी आसानी से कम कीमतों पर संपत्ति नहीं खरीद पायेंगे।” मंत्री ने कहा कि जम्मू के लोगों को अब पूरे भारत से खरीदारों को चुनने का फायदा मिलेगा और वे अधिक कीमतें भी हासिल कर सकेंगे।  केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री सिंह ने कहा कि नए भूमि कानून कहीं भी जबरन कब्जा करना या किसी की संपत्ति पर कब्जा करने या यहां तक कि मालिक की सहमति के बिना संपत्ति खरीदने की अनुमति नहीं देते हैं।

उन्होंने यहां पत्रकारों से कहा,”अगर ऐसा होता तो ‘गपकर’ बंगले सबसे पहले कब्जे में लिए जाते।” सिंह ने कहा कि अनुच्छेद 370  के प्रावधानों को निरस्त किये जाने और भूमि कानूनों में बदलाव के कारण देशभर के लोग जम्मू कश्मीर में संपत्ति खरीद सकते हैं। उन्होंने कहा कि केन्द्र शासित प्रदेश के लोगों को संपत्ति बेचने या नहीं बेचने के संबंध में फैसला लेने का अधिकार है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.