Cover
ब्रेकिंग
शादी के बाद एक्स ब्वॉयफ्रेंड कुशाल टंडन से टकराईं गौहर ख़ान, दिया ये रिएक्शन राहुल के इटली ट्रिप पर भाजपा का निशाना, शिवराज बोले- स्‍थापना दिवस पर ‘9 2 11’ हो गए, कांग्रेस ने दी सफाई पीएम मोदी, भाजपा के अन्य शीर्ष नेताओं ने दी श्रद्धांजलि दर्ज हुए 20 हजार से अधिक संक्रमण के नए मामले, 279 मौत; जानें अब तक का पूरा आंकड़ा उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र रावत Delhi AIIMS में कराएंगे उपचार, कोरोना से हैं संक्रमित देश की पहली ड्राइवरलेस मेट्रो को पीएम ने दिखाई हरी झंडी, दिल्ली में रफ्तार भरने लगी ट्रेन किसान नेता राकेश टिकैत को फोन पर मिली जान से मारने की धमकी, जांच में जुटी पुलिस Year 2021- नया साल लेकर आ रहा ग्रहण के चार गजब नजारे, पूर्ण चंद्रग्रहण से होगी शुरुआत शीतकालीन सत्र पर बोले नरोत्तम, सरकार की कोशिश कि इसे न टाला जाए, कांग्रेस पर भी साधा निशाना MP के इस गांव में न सड़क है न कोई सुविधा, खाट पर रखकर ग्रामीण 3 KM ले गए शव

मालाबार अभ्यास में आस्ट्रेलियाई नौसेना की एंट्री, भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच मजबूत होगा रक्षा संबंध

चीन की अपना प्रभुत्व बढ़ाने की रणनीति पर अंकुश लगाने के लिए भारत, अमेरिका, जापान और आस्ट्रेलिया के ‘क्वाड’ (Quad) की लामबंदी और अधिक मजबूत हो गई है। दअसरल भारत ने अमेरिका तथा जापान की नौसेना के साथ होने वाले अभ्यास मालाबार में आस्ट्रेलियाई नौसेना को शामिल करने का फैसला लिया है। यह अभ्यास बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में होगा। भारत और अमेरिका की नौसेनाओं के बीच मालाबार अभ्यास 1992 में शुरू हुआ था। पांच साल पहले वर्ष 2015 में जापान नौसेना भी इसमें शामिल हुई थी। नौसेना के अनुसार इस साल यह अभ्यास केवल समुद्री क्षेत्र में होगा और इससे चारों देशों की नौसेनाओं के बीच समन्वय बढ़ेगा।

आस्ट्रेलिया के इस युद्धाभ्यास में सामिल होने से भारत के उसके साथ रक्षा रिश्ते और मजबूत होंगे। पिछले कुछ सालों से आस्ट्रेलिया भी इस अभ्यास से जुड़ने में बड़ी दिलचस्पी दिखा रहा है। वहीं चीन के बढ़ते सैन्य दबदबे के कारण हिंद-प्रशांत क्षेत्र में उभरती स्थिति वैश्विक शक्तियों के बीच चर्चा का एक बड़ा विषय है। ऐसे में भारत, अमेरिका ऑस्ट्रेलिया और जापान का एक साथ आना चीन को बड़ा झटका भी और कड़ा संदेश भी। यह तालमेल समुद्री क्षेत्र में सुरक्षा को बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगा। ये देश मुक्त, खुले और समावेशी हिन्द प्रशांत क्षेत्र के पक्षधर हैं और अंतर्राष्ट्रीय नियम और कानूनों पर आधारित व्यवस्था के प्रति वचनबद्ध हैं।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

AIB News