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छह सालों में सिर्फ़ 22 बार ही संसद में बोले हैं पीएम मोदी, मनमोहन सिंह 48 बार कर चुके हैं संबोधित

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता की एक बुहत बड़ी वजह उनकी प्रभावशाली भाषण हैं। अपने भाषणों के दम पर वह लोगों को अपनी ओर खींच लेती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पीएम मोदी ने सांसद में कितने बार संवाद किया है। पिछले छह साल में उन्होंने केवल 22 बार ही संसद में अपनी बात रखी है। अगर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की बात करें तो उन्होंने अपने दस साल के कार्यकाल के दौरान संसद को 48 बार संबोधित किया था।

एक अंग्रेजी अखबार में छपे लेख के मुताबिक मोदी सरकार संसद को नज़रअंदाज़ कर रही है। इसमें कहा गया कि पीएम मोदी संसद के बजाय सीधे लोगों से संवाद करने में विश्वास रखते हैं। चाहे वो रेडियो के ज़रिए ‘मन की बात’ हो या फिर सोशल मीडिया के ज़रिए सीधे लोगों से जुड़ना। लेख में कहा गया कि एचडी देवगौड़ा जो सिर्फ़ क़रीब दो साल के लिए प्रधानमंत्री थे, उन्होंने भी संसद में मोदी से ज़्यादा बार बोला संबोधित किया है।

बीजेपी के ही अटल बिहारी वाजपेयी ने भी छह सालों में 77 बार संसद को संबोधित किया था जबकि दस सालों तक प्रधानमंत्री रहे मनमोहन सिंह ने 48 बार संसद में अपनी बात रखी थी। लेख में बताया गया कि मनमोहन सरकार में जहां औसतन साल में छह अध्यादेश आते थे, मोदी दौर में एक साल में औसतन 11 अध्यादेश लाए गए हैं।

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