23,437 करोड़ की 3 बड़ी रेलवे परियोजनाओं को मंजूरी, 6 राज्यों में बढ़ेगा रेल नेटवर्क
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री Narendra Modi की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक कार्य समिति (CCEA) ने भारतीय रेलवे की तीन बड़ी मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है। करीब 23,437 करोड़ रुपये की लागत वाली ये परियोजनाएं वर्ष 2030-31 तक पूरी की जाएंगी।
स्वीकृत परियोजनाओं में नागदा-मथुरा तीसरी एवं चौथी लाइन, गुंतकल-वाडी तीसरी एवं चौथी लाइन तथा बुरहवाल-सीतापुर तीसरी एवं चौथी लाइन शामिल हैं। इन परियोजनाओं से मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के 19 जिलों में रेलवे कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
रेल मंत्रालय के अनुसार इन परियोजनाओं से भारतीय रेलवे नेटवर्क में लगभग 901 किलोमीटर की वृद्धि होगी। साथ ही करीब 4,161 गांवों और 83 लाख लोगों को बेहतर रेल सुविधा का लाभ मिलेगा।
परियोजनाओं के पूरा होने से ट्रेनों की आवाजाही अधिक सुगम होगी, भीड़भाड़ कम होगी और रेलवे की परिचालन क्षमता में बड़ा सुधार आएगा। सरकार का कहना है कि यह परियोजनाएं पीएम-गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत तैयार की गई हैं, जिनका उद्देश्य मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक दक्षता बढ़ाना है।
इन नई लाइनों से महाकालेश्वर, Ranthambore National Park, Kuno National Park, Keoladeo National Park, Mathura, Vrindavan और नैमिषारण्य जैसे प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों तक रेल संपर्क भी बेहतर होगा।
रेल मंत्रालय ने बताया कि यह परियोजनाएं कोयला, खाद्यान्न, सीमेंट, उर्वरक, तेल, लोहा-इस्पात और कंटेनर परिवहन के लिए अहम साबित होंगी। क्षमता विस्तार के बाद रेलवे को हर साल करीब 60 मिलियन टन अतिरिक्त माल ढुलाई क्षमता मिलेगी।
सरकार के अनुसार इन परियोजनाओं से 37 करोड़ लीटर तेल आयात में कमी आएगी और 185 करोड़ किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन घटेगा, जो लगभग 7 करोड़ पौधारोपण के बराबर माना गया है।
