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ममता बनर्जी ने प्रदर्शनकारी किसानों से फोन पर की बात, अपनी 2006 की भूख हड़ताल की दिलाई याद

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केन्द्र के कृषि सुधार कानूनों के खिलाफ दिल्ली के सिंघू बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे विभिन्न किसान संगठनों से शुक्रवार को फोन पर बात की और उन्हें आश्वासन दिया कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) उनके साथ खड़ी है। पार्टी के नेता डेरेक ओ ब्रायन ने यह जानकारी दी। आंदोलनकारी किसानों के साथ लगभग चार घंटे रहने वाले ब्रायन ने फोन पर यह बातचीत कराई। ब्रायन ने कहा, मुख्यमंत्री ने किसानों से बात की, हरियाणा और पंजाब से अलग-अलग समूहों को चार टेलीफोन कॉल की। किसानों ने अपनी मांगों को साझा किया और वे चाहते थे कि कृषि विधेयक (कानून) निरस्त हों।

 उन्होंने कहा, उन्होंने उनके साथ एकजुटता दिखाने के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद भी दिया। उन्होंने पहले भी किसानों और भूमि आंदोलनों को लेकर उनके समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया। राज्यसभा सांसद ने किसानों को बताया कि वह (बनर्जी) और तृणमूल कांग्रेस किसान विरोधी कानूनों को निरस्त किये जाने की मांग को लेकर इस आंदोलन में उनके साथ खड़ी रहेंगी। ब्रायन ने कहा कि यह बहुत भावुक बैठक थी। किसानों के संगठन कानूनों के बारे में जानते थे और वे चाहते थे कि इन कानूनों को निरस्त किया जाये।

उन्होंने कहा कि वास्तव में, आज के दिन, 14 साल पहले बनर्जी ने सिंगुर में किसानों के लिए अपनी भूख हड़ताल शुरू की थी। दिल्ली के बॉर्डर पर प्रदर्शन करने के लिए किसान पिछले सप्ताह पहुंचे थे और उनके नेता इस गतिरोध को समाप्त करने के लिए सरकार के साथ दो दौर की वार्ता कर चुके हैं। अगले दौर की वार्ता शनिवार को प्रस्तावित है।

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