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अवैध रेत परिवहन का गढ़ बनता जा रहा भोपाल का बैरसिया, जिम्मेदारों की अनदेखी बनी चर्चा का विषय

भोपाल: राजधानी भोपाल का बैरसिया क्षेत्र इन दिनों अवैध रेत परिवहन का गढ़ बन चुका है। रोजाना दर्जनों की संख्या में ओवरलोड रेत के डंपर बैरसिया में दिखाई देते हैं। सूत्रों की मानें तो इनमें से कई डंपर बिना रॉयल्टी के ही रेत का परिवहन करते हैं, और अगर उनके पास रॉयल्टी भी होती है तो वह क्षमता से अधिक रेत का परिवहन करते हैं। यह सब कुछ भोपाल के लाम्बाखेड़ा से बैरसिया नगर के बीच देखने को मिल रहा है। रोजाना लांबाखेडा की ओर से बैरसिया की तरफ दर्जनों की संख्या में डंपर रेत लेकर आते हैं। इनमें से अधिकतर डंपर ओवरलोड होते हैं जो अपनी क्षमता से कई गुना ज्यादा रेत लेकर आते हैं। रेत परिवहन से पहले सुबह के समय यह सभी डंपर लांबाखेड़ा बाईपास के पास बने ओवर ब्रिज के नीचे खड़े हुए दिखाई देते हैं। इसके बाद यह एक-एक करके बैरसिया की ओर रवाना होते हैं, और बैरसिया से होते हुए दूसरी जगहों पर चले जाते हैं। कुछ डंपर बैरसिया में भी खाली हो जाते हैं। बताया जा रहा है कि यह सभी डंपर रसूखदार लोगों के हैं जिसकी वजह से पुलिस इन पर हाथ डालने में संकोच करती है, और यह सभी डंपर ईटखेड़ी थाना, गुनगा चेकिंग पॉइंट, इमला चौकी और बैरसिया थाने के सामने से होकर गुजरते हैं। इससे यह अनुमान लगाया जा सकता है कि शायद पुलिस किसी दबाव में है, जो इन पर कोई कार्यवाई नहीं करती हैं।

एक्सीडेंट के बढ़ रहे हैं केस, रोड पर भी पड़ रहा दुष्प्रभाव…
भोपाल से बैरसिया के बीच जब रोड नहीं बना था, तो उस समय स्थिति बड़ी खराब थी। रोड में बड़े-बड़े गड्ढे थे। जिसकी वजह से आए दिन दुर्घटनाएं होती थी। बैरसिया विधायक विष्णु खत्री की अथक प्रयासों और बैरसिया की जनता और नेताओं ने धरने प्रदर्शन करने के बाद इस रोड को बनवाया है। ओवरलोड डंपरों की वजह से यह रोड कई जगह से बैठक खा गई है। जानकारों का मानना है कि क्षमता से अधिक लोड वाले वाहन रोड से निकलने के कारण रोड बैठक खा जाता है। वहीं अब इस रोड को बनने के बाद इस रोड पर सड़क दुर्घटनाएं होने लगी हैं और उसकी वजह कहीं ना कहीं तेज रफ्तार डंपर भी हैं। भोपाल के लांबाखेड़ा से लेकर गोल खेड़ी तक का इलाका एक्सीडेंट जोन बन गया है आए दिन यहां पर सड़क दुर्घटनाएं होती हैं और उनमें ज्यादातर अज्ञात वाहनों द्वारा टक्कर मारने की बात सामने आती है।

खनिज विभाग के अधिकारियों के आने से पहले गायब हो जाते हैं डंपर…
रेत डंपरों को पकड़ने के लिए जब खनिज विभाग की टीम आती है, तो उस समय वह रेत के डंपर गायब हो जाते हैं, या फिर डंपर को कहीं भी खड़ा कर कर चले जाते हैं। जिससे कि खनिज विभाग के अधिकारी उनपर पर कोई कार्रवाई नहीं कर पाते। आपको बता दें कि खनिज विभाग के अधिकारी उन्हीं डंपरों को पकड़ पाते हैं। जिन पर उनको ड्राइवर मिलता है। जिन पर उन्हें ड्राइवर नहीं मिलता। वह उनको वहीं पर छोड़ कर चले जाते हैं। सूत्रों की माने तो अवैध रेत का परिवहन करने वालों ने अपने मुखबिर लगा दिए हैं। जिससे कि उनको खनिज विभाग के अधिकारियों के आने की सूचना लग जाती है और सतर्क हो जाते हैं।

आरटीओ द्वारा कार्यवाही नहीं करना बना चर्चा का विषय…
यूं तो आरटीओ के अधिकारी यात्री बसों की जांच पड़ताल करते हुए दिखाई देते हैं। लेकिन कभी भी ओवरलोड डंपर की जांच करते हुए दिखाई नहीं देते। हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि इन रेत का परिवहन करने वाले डंपरो में कई डंपरो पर नंबर ही नहीं होता है। वह बिना नंबर के अवैध रेत का परिवहन करते हैं, या फिर नंबर को छुपा देते हैं। वहीं आरटीओ विभाग द्वारा इस मामले में उदासीनता बरतना कहीं ना कहीं चर्चा का विषय बना हुआ है।

एडीएम की जानकारी में आया मामला…
जब इस मामले में मीडिया ने भोपाल एडीएम नार्थ दिलीप यादव से बात की तो उन्होंने कहा कि मैं इस मामले को दिखाता हूं

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