Cover
ब्रेकिंग
दिल्ली सीमा पर डटे किसानों को हटाने पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, CJI बोले- बात करके पूरा हो सकता है मकसद UP के अगले विधानसभा चुनाव में ओवैसी-केजरीवाल बिगाड़ सकते हैं विपक्ष का गणित सावधान! CM योगी का बदला मिजाज, अब कार से करेंगे किसी भी जिले का औचक निरीक्षण संसद का शीतकालीन सत्र नहीं चलाने पर भड़की प्रियंका गांधी पाक सेना ने राजौरी मे अग्रिम चौकियों पर गोलीबारी की संत बाबा राम सिंह की मौत पर कमलनाथ बोले- पता नहीं मोदी सरकार नींद से कब जागेगी गृह मंत्री के विरोध में उतरे पूर्व सांसद कंकर मुंजारे गिरफ्तार, फर्जी नक्सली मुठभेड़ को लेकर तनाव मोबाइल लूटने आए बदमाश को मेडिकल की छात्रा ने बड़ी बहादुरी से पकड़ा कांग्रेस बोलीं- जुबान पर आ ही गया सच, कमलनाथ सरकार गिराने में देश के PM का ही हाथ EC का कमलनाथ के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश, चुनाव में पैसे के गलत इस्तेमाल का आरोप

हड़ताल के चलते सरकारी बैंकों में कामकाज आंशिक रूप से हुआ प्रभावित, इन बैंकों पर नहीं पड़ा असर

नई दिल्ली। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों द्वारा बुलाई गई एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल में कुछ बैंक यूनियनों के शामिल होने से गुरुवार को देशभर के सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में बैंकिंग कामकाज आंशिक रूप से प्रभावित हुआ है। सरकारी क्षेत्र के बैंकों में विदेशी और सरकारी लेनदेन व ब्रांचों में निकासी व जमा सहित नकद लेनदेन प्रभावित हुआ है। यह उन जगहों पर अधिक है, जहां हड़ताल में भाग लेने वाली यूनियनें मजबूत हैं। हालांकि, भारतीय स्टेट बैंक और निजी क्षेत्र के बैंकों में काम हो रहा है।

भारतीय मजदूर संघ को छोड़कर दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनें विभिन्न सरकारी नीतियों के विरोध में राष्ट्रव्यापी हड़ताल कर रही हैं। बैंक ऑफ महाराष्ट्र सहित कई कर्जदाताओं ने पहले ही ग्राहकों को सूचित कर दिया था कि हड़ताल के कारण ब्रांचों और कार्यालयों में सामान्य कामकाज बाधित रह सकता है।

ऑल इंडिया बैंक इम्प्लॉइज एसोसिएशन (AIBEA), ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन (AIBOA) और बैंक इम्प्लॉइज फेडरेशन ऑफ इंडिया (BEFI) इस हड़ताल में भाग ले रही हैं। इसके अलावा ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कन्फेडरेशन (AIBOC) ने भी हड़ताल को समर्थन दिया है।

एआईबीईए (AIBEA) ने एक बयान में कहा, ‘कारोबार सुगमता के नाम पर लोकसभा ने हाल में तीन नए श्रम कानून पारित किए हैं। यह पूरी तरह से कॉरपोरेट के हित में है। करीब 75 फीसद कर्मचारियों को श्रम कानूनों के दायरे से बाहर कर दिया गया है और नए कानूनों के तहत उनके पास कोई विधिक संरक्षण नहीं है।’

दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनों इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस (इंटक), ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एटक), हिंद मजदूर सभा (एचएमएस), सेंटर फार इंडियान ट्रेड यूनियंस (सीटू), ऑल इंडिया यूनाइटेड ट्रेड यूनियन सेंटर (एआईयूटीयूसी), ट्रेड यूनियन को-ऑर्डिनेशन सेंटर (टीयूसीसी), सेल्फ-इम्प्लॉइड वुमेन्स एसोसिएशन (सेवा), ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियंस (एआईसीसीटीयू), लेबर प्रोग्रेसिव फेडरेशन (एलपीएफ) और यूनाइटेड ट्रेड यूनियन कांग्रेस (यूटीयूसी) ने इस हड़ताल को बुलाया है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

AIB News