ब्रेकिंग
पेट्रोल-डीजल बचत पर बड़ा फैसला: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घटाया अपना कारकेड हरियाणा की 5.72 लाख रुपए कीमत की अवैध शराब पकड़ाई, इंदौर आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई ट्रैक्टर का चालक नशे में मिला, इंदौर ट्रैफिक पुलिस की सतर्कता से टला बड़ा हादसा! ट्रैक्टर पर लगा था नगर निगम का बोर्ड नगर निगम कार्य में लगे ट्रैक्टर का चालक नशे में पकड़ा, ट्रैफिक पुलिस की सतर्कता से टला हादसा किसानों को बड़ी राहत: गेहूँ उपार्जन का 10,403 करोड़ रुपये भुगतान, 23 मई तक जारी रहेगी खरीदी विद्यार्थियों को दूसरा मौका, सपनों को नई उड़ान देने का संकल्प : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पीले चावल बांटकर किसान आंदोलन का न्योता, 7 मई 2026 के चक्काजाम से पहले की जारी की गई एडवाइजरी इंदौर में अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन सट्टा गिरोह का भंडाफोड़, ‘डायमंड सर्वर’ से चल रहा था नेटवर्क 23,437 करोड़ की 3 बड़ी रेलवे परियोजनाओं को मंजूरी, 6 राज्यों में बढ़ेगा रेल नेटवर्क इंदौर आबकारी विभाग की कार्रवाई: स्कूटर से शराब जब्त, दो आरोपी गिरफ्तार

आठ महीने बाद 1 दिसंबर से फिर खुलेंगे कॉलेज, कोरोना गाइडलाइन का पालन अनिवार्य

भोपाल। मध्य प्रदेश में कोरोना महामारी के बीच सरकारी स्कूल और कॉलेज आगामी एक दिसंबर से खुल जाएंगे। इसको लेकर राज्य सरकार ने कोरोना गाइडलाइंस जारी की है। गाइडलाइन के मुताबिक, कक्षाओं में प्रोफेसरों समेत विद्यार्थियों को भी उपस्थित रहना होगा। कोरोना संक्रमण के कारण पिछले आठ महीने से प्रदेश के कॉलेज बंद थे। अब इन्हें खोलने का निर्णय उच्च शिक्षा विभाग ने लिया है। उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव का कहना है कि कॉलेजों में विद्यार्थियों के शिक्षण के साथ-साथ सभी की सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा।

उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा विभाग के सरकारी और निजी कॉलेजों की यूजी और पीजी कक्षाओं में प्रवेश के लिए अंतिम दौर की प्रवेश प्रक्रिया आयोजित की जा चुकी है। यह ऑनलाइन प्रवेश का पांचवां चरण था। फिलहाल यूजी प्रथम वषर्ष की कक्षाओं में करीब एक लाख 38 हजार सीटें खाली रह गई हैं, जबकि पीजी प्रथम सेमेस्टर की कक्षाओं में 90 हजार सीटें खाली रह गई हैं। अब इस साल ये सीटें खाली रहेंगी।

उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि कॉलेज संचालित करने के दौरान कोरोना से बचने के लिए जारी की गई सरकार की गाइडलाइन का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाएगा। सरकारी कॉलेजों में अध्यापन कार्य के साथ प्रभारी प्राचार्य का काम संभाल रहे अधिकारियों को अध्यापन कार्य से मुक्तकिया जाएगा। इसके साथ ही सभी कॉलेज से तीन वरिष्ठ प्रोफेसरों का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विभाग में लंबित पेंशन प्रकरणों का जल्द निराकरण कर दिया जाएगा। विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में परीक्षाएं आयोजित हो सकें, इसके लिए नए सिरे से प्रक्रिया तय की जाएगी। इसके लिए समिति गठित की जाएगी। यह समिति नई प्रक्रिया तय करेगी।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.