कौन बनेगा सदन का चौधरी, अवध या विजय, मतदान संपन्‍न, कुछ ही देर में होगी घोषणा

पटना । बिहार के संसदीय इतिहास में अरसे बाद विधानसभा अध्यक्ष पद का आज चुनाव हो रहा है। सत्ता पक्ष के विजय सिन्हा के मुकाबले महागठबंधन की ओर से अवध बिहारी चौधरी को प्रत्याशी बनाकर लड़ाई को दिलचस्प बना दिया गया है। स्पीकर का चुनाव सदन में बहुमत का खेल है। जिस गठबंधन के पास ज्यादा विधायकों की संख्या होगी, उसकी जीत तय है। इस हिसाब से राजग उम्मीदवार विजय सिन्हा की जीत सुनिश्चित है। राजग के पास लोजपा एवं निर्दलीय को मिलाकर 127 विधायक हैं, जबकि महागठबंधन के पास मात्र 110 विधायक हैं। ओवैसी की पार्टी ने अभी अपना स्टैंड साफ नहीं किया है। ऐसे में दोनों गठबंधनों में फासला बड़ा है। फिर भी 51 साल बाद होने जा रहा यह चुनाव दिलचस्‍प बन गया है।

LIVE Vidhan Sabha Speaker Chunav:

 12: 16 बजे – प्रोटेम स्‍पीकर अपनी कुर्सी पर आकर बैठ गए हैं। कुछ ही देर में सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हो जााएगी।

12: 08 बजे – स्‍पीकर पद की चुनाव की प्रक्रिया संपन्‍न हो चुकी है। सदन की कार्यवाही दोबारा शुरूहोते ही प्रोटेम स्‍पीकर जीतन राम मांझी थोड़ी ही देर में परिणाम की घोषणा करेंगे।

 12: 02 बजे – प्रोटेम स्पीकर के आसन का घेराव कर लगातार नारेबाजी कर रहे हैं । जीतनराम मांझी ने सदस्‍यों को शांत करा पांच मिनट के लिए सदन की कार्यवाही स्‍थगित की

11: 59 बजे – विधानसभा में अब मत विभाजन की प्रक्रिया शुरू। प्रोटेम स्पीकर ने कहा कि दूसरे सदन के सदस्य वोट नहीं करेंगे। विपक्ष सीक्रेट वोटिंग पर अड़ा, तेजस्वी ने प्रोटेम स्पीकर मांझी से कहा- ये सरकार चोर दरवाजे से बनी है। राजग के सदस्य मत विभाजन के लिए अपनी सीट पर खड़े हो गए हैं, लेकिन विपक्ष अभी भी हंगामे पर उतारू है। प्रोटेम स्पीकर ने कहा कि अगर विपक्ष के पास सदस्यों की पर्याप्त संख्या है तो खड़े होकर मत विभाजन प्रक्रिया में शामिल हों और परंपरा का निर्वहन करें। उन्होंने सभा वेश्म में खड़े विपक्ष के सदस्यों से आग्रह किया कि अपनी सीट पर जाएं और चुनाव शांति से संपन्न हो जाने दें।

 11: 54 बजे – तेजस्वी ने प्रोटेम स्पीकर के समक्ष जनादेश चोरी का आरोप लगाया ।  विपक्ष लगा रहे नारे –सदन से बाहर जाओ–सदन से बाहर जाओ।  कानून के जानकार सुभाष कश्यप ने विपक्ष के विरोध को खारिज किया। कहा कि अध्यक्ष पद के चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री एवं अन्य मंत्रियों का रहना गैर संवैधानिक नहीं है। यह प्रोटेम स्पीकर के विवेक पर निर्भर करता है कि वह अनुमति देते हैं  या नहीं !

11: 51 बजे – विजय चौधरी बोले-जब मतदान की बात आती है और आसन कहता है कि सदस्य खड़े होकर मत विभाजन की प्रक्रिया पूरी करें तो जो इस सदन के सदस्य नहीं होते हैं वे खड़ें नहीं होते हैं। इसलिए नीतीश कुमार समेत अन्य मंत्रियों की मौजूदगी पर विपक्ष का विरोध का कोई मतलब नहीं है।

 11: 49 बजे – मुख्यमंत्री को सदन से बाहर करने को ले लगातार  नारेबाजी हो रही है । स्पीकर पद के चुनाव के लिए विधानसभा में कराया जा रहा मत विभाजन। प्रोटेम स्पीकर ने व्यवस्था दी कि जो सदन की सदस्यता की शपथ ले चुके हैं वही मत प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे।

11: 45 बजे – सदन में सीएम नीतीश कुमार, भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी की उपस्थिति पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी  यादव ने आपत्ति जताई ।  इसपर प्रोटेम स्पीकर बोले जो सदन के सदस्य हैं, वही मतदान में शामिल होंगे।नीतीश कुमार मुख्यमंत्री के नाते सदन में रह सकते हैं वोट में भाग नही लेंगे । इसके बाद विपक्ष के नेता वेल में आकर कर रहे प्रदर्शन

11: 44 बजे – विपक्ष गुप्त मतदान पर अड़ा। मगर प्रोटेम स्‍पीकर जीतन राम मांझी ने कहा कि गुप्त मतदान का कोई प्रावधान नहीं है

11: 43 बजे –  वॉइस वोटिंग शुरू की गई। मगर  विपक्ष की आपत्ति के बाद प्रोटेम स्पीकर जीतन राम मांझी ने कहा कि जो पक्ष में है वह खड़े हो जाएं ।

11: 39 बजे – एआइएमआइएम के प्रदेश अध्‍यक्ष ने स्‍पीकर के चुनाव के ऐन पहले सदन में कहा कि स्‍पीकर पद के लिए सर्वसम्मितति बनाने की जो परिपाटी रही है, उसे बरकरार रखना चाहिए ।

बता दें कि मंगलवार (24 नवंबर) देर रात तक ग्रांड एलायंस डेमोक्रेटिक फ्रंट के संयोजक एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री देवेंद्र प्रसाद यादव की अध्यक्षता में बैठक होती रही। हालांकि सबने माना कि विधानसभा अध्यक्ष का पद गरिमामय होता है। इसे लेकर राजनीति नहीं होनी चाहिए। किंतु किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सका। आखिर में एआइएमआइएम के विधायकों ने निर्णय लेने का अधिकार असदुद्दीन ओवैसी को सौंप दिया है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

AIB News