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भोपाल पहुंचा कैलाश सारंग का पार्थिव शरीर, मुख्यमंत्री ने दिया कंधा

भोपाल। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सदस्य कैलाश सारंग के पार्थिव शरीर को आज विशेष विमान के जरिए मुम्बई से भोपाल लाया गया। इस मौके पर एयरपोर्ट पर मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह समेत भाजपा के अनेक नेता मौजूद थे। स्‍टेट हैंगर पर स्‍वयं मुख्‍यंत्री शिवराज सिंह ने कैलाश सारंग के पार्थिव शरीर को कंधा दिया। इसके बाद उनके पार्थिव शरीर को नेवरी मंदिर, लालघाटी, रॉयल मार्केट, शीश महल और पॉलीटेक्निक चौराहा होते हुए 74 बंगला स्थित उनके निवास पर ले जाया लाया गया, जहां स्‍थानीय लोग उनके अंतिम दर्शन कर सकेंगे।दोपहर दो बजे उनके पार्थिव शरीर को भाजपा कार्यालय ले जाया जाएगा। यहां श्रद्धांजलि देने के बाद दोपहर 3.30 बजे सुभाष नगर विश्राम घाट के लिए उनकी अंतिम यात्रा निकलेगी, जहां सायं चार बजे उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

गौरतलब है कि वर्तमान में मप्र सरकार में चिकित्‍सा शिक्षा मंत्री विश्‍वास सारंग के पिता कैलाश सारंग भाजपा के संस्थापक सदस्य थे। वह पिछले काफी समय से बीमार चल रहे थे और 14 नवंबर को मुंबई के एक अस्पताल में इलाज के दौरान उनका निधन हो गया था। पहले उनका भोपाल में ही इलाज चल रहा था, लेकिन सेहत बिगड़ने पर बीते एक नवंबर को एयर एम्बुलेंस के जरिए उन्‍हें मुंबई ले जाया गया था।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पूर्व सांसद, वरिष्ठ राजनेता और चिंतक कैलाश सारंग के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि मध्य प्रदेश में जनसेवा को जीवन भर अपनाने वाले कैलाश सारंग समर्पित समाज सेवी थे। उनकी संगठन क्षमता अद्भुत थी। उन्होंने लाखों समाजसेवक तैयार किए। वे अपनी युक्ति और बुद्धि से निरंतर प्रयत्न करते हुए किसी भी संगठन को नई शक्ति प्रदान करते थे। वे एक लेखक कवि और पत्रकार भी थे। भोपाल उनके बिना अधूरा हो गया है। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि कैलाश सारंग का निधन उनके लिए व्यक्तिगत क्षति भी है। उन्होंने सदैव दुविधा से निकालने में सभी को सहयोग किया। उनके निधन से जो शून्य पैदा हुआ है, उसे भरना मुश्किल होगा। मुख्यमंत्री चौहान ने प्रदेश की जनता की ओर से सारंग को श्रद्धांजलि देते हुए प्रार्थना की कि ईश्‍वर शोकाकुल सारंग परिवार को यह दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

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