Cover
ब्रेकिंग
शादी के बाद एक्स ब्वॉयफ्रेंड कुशाल टंडन से टकराईं गौहर ख़ान, दिया ये रिएक्शन राहुल के इटली ट्रिप पर भाजपा का निशाना, शिवराज बोले- स्‍थापना दिवस पर ‘9 2 11’ हो गए, कांग्रेस ने दी सफाई पीएम मोदी, भाजपा के अन्य शीर्ष नेताओं ने दी श्रद्धांजलि दर्ज हुए 20 हजार से अधिक संक्रमण के नए मामले, 279 मौत; जानें अब तक का पूरा आंकड़ा उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र रावत Delhi AIIMS में कराएंगे उपचार, कोरोना से हैं संक्रमित देश की पहली ड्राइवरलेस मेट्रो को पीएम ने दिखाई हरी झंडी, दिल्ली में रफ्तार भरने लगी ट्रेन किसान नेता राकेश टिकैत को फोन पर मिली जान से मारने की धमकी, जांच में जुटी पुलिस Year 2021- नया साल लेकर आ रहा ग्रहण के चार गजब नजारे, पूर्ण चंद्रग्रहण से होगी शुरुआत शीतकालीन सत्र पर बोले नरोत्तम, सरकार की कोशिश कि इसे न टाला जाए, कांग्रेस पर भी साधा निशाना MP के इस गांव में न सड़क है न कोई सुविधा, खाट पर रखकर ग्रामीण 3 KM ले गए शव

नगा मुद्दे पर बातचीत के लिए मणिपुर का जल्द दौरा करेंगे अमित शाह

इंफाल। राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण नगा मुद्दे पर विभिन्न पक्षों से बातचीत करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इसी माह मणिपुर का दौरा करने की संभावना है। नगालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो के एक अधिकारी ने बताया कि शाह के दौरे की भूमिका बनाने के लिए असम के वित्त और स्वास्थ्य मंत्री हिमंत बिस्व सरमा तीन दिन पहले अचानक कोहिमा पहुंचे और मुख्यमंत्री से बंद कमरे में लंबी बैठक की।

सरमा ने हालांकि नगालैंड के मुख्यमंत्री के साथ हुई बातचीत के बारे में कुछ नहीं बताया, लेकिन उनके करीबी सूत्रों ने बताया कि शाह ने उन्हें नगा मुद्दे को लेकर हालात का जायजा लेने की जिम्मेदारी दी है। मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने इंफाल में गृह मंत्री के दौरे की पुष्टि करते हुए कहा कि शाह ने नगा मुद्दे पर बातचीत के लिए निर्वाचित जनप्रतिनिधियों और सिविल सोसायटी के सदस्यों समेत अन्य पक्षों से मिलने की इच्छा जताई है।

सात दशक से चुनौती बना हुआ है नगा अलगाववाद 

गौरतलब है कि पिछले सात दशकों से नगा अलगाववाद का मुद्दा भारत की संप्रभुता और अखंडता के लिए चुनौती रहा है। केंद्र सरकार ने इससे निपटने के लिए कई दांव आजमाये। सरकार ने कभी सशस्त्र बल विशेषाधिकार अधिनियम के प्रावधानों को आजमाया तो कभी नगा विद्रोही गुटों एनएससीएन (आइएम) और एनएससीएन (खापलांग) को प्रतिबंधित समूह घोषित किया।

1980 में नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नगालैंड (आइएम) नामक हिंसक अलगाववादी गुट का गठन होने से नगा आंदोलन को नई ऊर्जा मिली। इस गुट के प्रमुख नेताओं में आइजक और मुइवा शामिल थे। इसने नगा विद्रोहियों की पुरानी मांगों को पुनर्जीवित किया। आगे चलकर एनएससीएन खापलांग) का नगा विद्रोही गुट के रूप में 1988 में गठन हुआ। इसके बाद इस गुट ने 1975 के शिलांग एकॉर्ड को नामंजूर कर दिया। इससे उत्तर पूर्वी भारत में फिर से अशांति को बढ़ावा मिला।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

AIB News