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PDP के संस्थापक सदस्यों में शामिल मुजफ्फर हुसैन बेग ने पार्टी से नाता तोड़ा

श्रीनगर। केंद्र शासित जम्मू-कश्मीर प्रदेश में जारी जिला विकास परिषद (डीडीसी) के चुनावों को लेकर पीपुल्स एलायंस फॉर गुपकार डिक्लेरेशेन(पीएजीडी) में सीटों के बंटवारे पर नाराजगी जताते हुए पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के संरक्षक मुजफ्फर हुसैन बेग ने शनिवार को अपने संगठन से पूरी तरह नाता तोड़ दिया। उन्होंने कहा कि मैंने पीडीपी की प्राथमिक सदस्यता और पीडीपी के संरक्षक पद, दोनों का परित्याग कर दिया है। उन्होंने कहा कि मैं डाॅ. फारुक अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती व अन्य लोगों की बहुत इज्जत करता हूं, लेकिन बात उसूलों की है।मैं अपने उसूलों से नहीं हट सकता।

दैनिक जागरण के साथ फोन पर बात करते हुए जम्मू-कश्मीर के पूर्व उपमुख्यमंत्री व पूर्व सांसद मुजफ्फर हुसैन बेग ने कहा मैंने पार्टी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती को आज शाम काे ही अपने फैसले से अवगत करा दिया है। उन्होंने कहा कि हम लाेगों ने जिस एजेंडे और मकसद के लिए पीडीपी का गठन किया था, पीडीपी आज उस मकसद से पूरी तरह हट चुकी है। मैंने बहुत सी चीजों को नजरअंदाज करने का प्रयास किया है। मैंने हमेशा संगठन में एकता बनाए रखने को ही प्राथमिकता दी है।

उन्हाेंने कहा कि मुझे अफसाेस उस समय हुआ, जब पीएजीडी के गठन के लिए मुझसे कोई बातचीत नहीं की गई, मुझे बताया तक नहीं गया। जिला विकास परिषद के चुनावों में भाग लेने का फैसला लिया गया और मुझे अखबारों के जरिए पता चला। मैं पीडीपी का संरक्षक हूं, पीडीपी का संविधान तैयार करने में मेरी एक अहम भूमिका रही है। पीएजीडी के साथ सीटों का तालमेल किया गया, लेकिन पीडीपी को क्या मिला? अधिकांश सीटें नेशनल कांफ्रेंस के पास ही हैं, पीडीपी तो नेकां के पीछे चलने वाली एक पार्टी बन गई है। हम जम्मू-कश्मीर के लोगों का हित चाहते हैं, हम उन्हें झूठे ख्वाब क्यों दिखाएं। पहले कुछ कहें और बाद में कुछ, यह मेरी फितरत नहीं है।

मैं अपने उसूलों से नहीं हट सकता। इसलिए मैंने पीडीपी से ही हटने का फैसला किया है। भविष्य की योजनाओं के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि मैं अपने साथियों और सहयाेगियों से विचार विमर्श के बाद ही अपने अगले कदम का एलान करुंगा।

उल्लेखनीय है कि मुजफ्फर हुसैन बेग बीते छह साल से पीडीपी में खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। कई बार उनके पीडीपी से अलग होने और एक नयी पीडीपी के गठन करने की अटकलें भी चली, लेकिन बेग ने कभी खुलकर इनका खंडन नहीं किया। करीब दो साल पहले जब पीडीपी में विभाजन हुआ तो उस समय भी कहा गया था कि बेग जल्द ही महबूबा मुफ्ती को पार्टी अध्यक्ष पद से हटा, खुद अध्यक्ष बन जाएंगे।

संगठन के भीतर अपनी पकड़ को मजबूत रखने के लिए महबूबा मुफ्ती ने मुजफ्फर हुसैॅन बेग को पार्टी संरक्षक नियुक्त किया था। वह भाजपा के साथ गठबंधन सरकार चलाने के महबूबा मुफ्ती के तौर तरीकों और बयानबाजी से कभी सहमत नहीं थे। जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम को लागू किए जाने के लिए भी वह महबूबा मुफ्ती को ही जिम्मेदार ठहराते हुए हैं। बेग ने कई बार कहा कि अगर महबूबा मुफ्ती अनुच्छेद 370 और राष्ट्रध्वज काे लेकर विवादास्पद भड़काऊ बयान न देती तो जम्मू-कश्मीर की संवैधानिक स्थिति में कभी बदलाव नहीं होता।

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