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इस मंदिर में छिपा है कुबेर का खजाना, प्रसाद में भक्तों को दिए जाते हैं सोने-चांदी के सिक्के

रतलाम: देश में कई ऐसे मंदिर हैं, जो अपने आप में अनोखे व रहस्यमयी हैं। ऐसा ही एक अनोखा मंदिर मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के माणक में भी है। आमतौर पर मंदिरों में भक्तों को प्रसाद के रूप में मिठाई, फल या कुछ अन्य चीजें मिलती हैं। लेकिन मां महालक्ष्मी के इस मंदिर में भक्तों को प्रसाद के रूप में गहनें, सोने व चांदी के सिक्के दिए जाते हैं। जी हां सही सुना आपने। लेकिन इस बार कोरोना के चलते वह धनकुबेर पोटली भक्तों को नहीं दी जा रही जिससे भक्त समृद्ध हो जाते हैं। यही वजह है कि इस बार भक्तों में निराशा देखने को मिल रही है।

देश भर में मशहूर रतलाम जिले के महालक्ष्मी मंदिर के पट धनतेरस के अवसर पर खोल दिए गए हैं। पट खुलते ही भक्तों ने जय मां लक्ष्मी के जयकारों के साथ दर्शन किए। मंदिर खुलने के पहले से ही सुखसमृद्धि की आस में मां लक्ष्मी के वैभव को निहारने दर्शन के लिए भक्तों की लाइन लग गई।

दिनभर मंदिर में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। धनतेरस के अवसर पर मंदिर को नोटों की लड़ियों से सजाया गया। सुरक्षा की दृष्टि से CCTV कैमरों के साथ पुलिस जवानों द्वारा हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।

लेकिन हर बार की तरह इस बार कोरोना संक्रमण के चलते महालक्ष्मी मंदिर से धनतेरस के दिन कुबेर पोटली का वितरण नहीं किया जाएगा। मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दी गई नगदी और जेवरात की एंट्री के लिए टोकन दिए जा रहे हैं। जिसमें श्रद्धालु का नाम व दी गई सामग्री की जानकारी रजिस्टर में दर्ज की जा रही है।

इसी टोकन के आधार पर सामग्री वापस लौटाई जाएगी। भक्तों का मानना है कि मातारानी के दरबार में जो राशि सजावट के लिए दी जाती है, उसे प्रसाद के रूप में घर में रखने पर हमेशा बरकत बनी रहती है।

कोरोना वायरस का दिखा असर
पहले धनतेरस पर दूर-दूर से श्रद्धालु मंदिर में दर्शन के लिए आते थे लेकिन इस बार कोरोना संक्रमण के चलते यहां कम लोगों के पहुंचने की संभावना है। इस बार कोरोना को लेकर सतर्कता भी बरती जा रही है। कोरोना के चलते मंदिर में कुबेर पोटली नहीं दिए जाने के कारण लोगों को निराश होकर जाना पड़ रहा है।

महालक्ष्मी मंदिर में धनतेरस से पांच दिवसीय दीपोत्सव पर्व की शुरुआत हो गई है। माणकचौक स्थित महालक्ष्मी मंदिर पर नोटों व आभूषणों से सज गया है। यह सजावट भाईदूज तक रहेगी।

कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
सुरक्षा के चलते मंदिर के चारों तरफ CCTV कैमरे लगाए गए हैं जिनकी विशेष तौर पर निगरानी की जा रही है। वहीं मंदिर के चारों तरफ बेरिकेटस लगा दिए गए हैं। श्रद्धालुओं को लाईन में लगकर बाहर से ही दर्शन करने पड़ रहे हैं।

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