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शिवराज के मंत्री तुसली सिलावट ने दिया इस्तीफा, बोले- बिना मंत्रीपद के करुंगा जनता की सेवा

इंदौर: विधानसभा उपचुनाव से पहले शिवराज सरकार के जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने मंत्रीपद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने 6 महीने का कार्यकाल पूरा होने पर पद से इस्तीफा दे दिया है। सिलावट ने अपना इस्तीफा सीएम शिवराज सिंह चौहान को भेज दिया है। नियमों के अनुसार, उनका 6 महीने का कार्यकाल मंगलवार को ही पूरा हो गया था।तुलसी सिलावट सांवेर विधानसभा में भाजपा प्रत्याशी के तौर पर उपचुनाव लड़ रहे हैं। मंगलवार शाम अपना इस्तीफा देने के बाद मीडिया से चर्चा दौरान उन्होंने कहा कि मेरे लिए पद महत्वपूर्ण नहीं है मेरे लिए मध्यप्रदेश की प्रगति सेवा महत्वपूर्ण है। मैं बिना मंत्रीपद के भी समाज की सेवा कर सकता हूं।

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बता दें कि तुलसी सिलावट ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ दल बदलने वाले विधायक/मंत्रियों में से एक रहे हैं। सिलावट ने कांग्रेस विधायकी से इस्तीफा देकर बीजेपी ज्वाइन की थी और शिवराज मंत्रिमंडल में पहले पांच मंत्रियों में बतौर जल संसाधन मंत्रीपद संभाला था। लेकिन उनका कार्यकाल मंगलवार को खत्म हो गया था क्योंकि संवैधानिक नियमों  के मुताबिक अगर कोई व्यक्ति जो किसी भी सदन का सदस्य नहीं है और मंत्री पद की शपथ लेता है तो उसको शपथ लेने के छह महीने के अंदर सदन का सदस्य बनना जरूरी होता है। लेकिन तुलसी सिलावट अभी तक सदन के सदस्य नहीं बन पाए हैं।

वहीं कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने बीते दिनों राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत के पद को खत्म करने की मांग की थी। उन्होंने कहा कि बिना विधायकी के इन्हें मंत्री बनाया जो नियमों के मुताबिक गलत है।

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