Cover
ब्रेकिंग
EOW ने नगर निगम के सिटी प्लानर को 50 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा, नगर निगम ने पद से हटाया पति बनाना चाहता है मुस्लिम, घर में देवी देवताओं की तस्वीरें भी नहीं रखने देता, महिला पहुंची थाने दिल्ली पुलिस में कांसटेबल भर्ती परीक्षा में धांधली कराने वाले 12 आरोपी गिरफ्तार कोरोना काल में आगरा जेल से पैरोल पर छोड़े गए 114 बंदियों में 85 नहीं हुए हाजिर सोमवार को SCO समिट में हिस्सा लेंगे पीएम मोदी, चौथी बार आमने सामने होंगे भारत-चीन जम्मू-कश्मीरः DDC चुनाव में दिखा लोगों का उत्साह, पहले चरण में 52 फीसदी वोटिंग कोरोना वैक्‍सीन के लि‍ए पीएम मोदी सीरम इंस्‍टीट्यूट पहुंचे, ली जानकारी गुजरात में अलंग शिप यार्ड के अपग्रेडेशन के लिए एनजीटी ने किया हस्तक्षेप करने से इन्कार राजनाथ बोले, एक सीमा तक शांति के मार्ग पर चलता रहेगा भारत, मोदी सरकार में हर मोर्चे पर मजबूती से डटा है देश सीमा पार के आतंकियों को खटक रहा घाटी का अमन चैन, सेना प्रमुख बोले- LoC पार बड़ी संख्‍या में लॉन्चिंग पैड मौजूद

कृषि बिल के खिलाफ पंजाब सरकार के पारित प्रस्ताव पर केंद्र सरकार विचार करेगी: तोमर

ग्वालियर। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है कि केंद्र सरकार कृषि बिल के खिलाफ पंजाब सरकार द्वारा पारित प्रस्ताव पर विचार करेगी। हम किसानों के हित में फैसला लेंगे। यह बात उन्होंने मंगलवार को मीडिया से चर्चा में कही। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार किसानों के लाभ के लिए कृषि कानून लेकर आई है।

किसान बिल का परिणाम ठीक आने वाला है, लेकिन कांग्रेस के लोग जो काम अपने कार्यकाल में चाहते हुए भी नहीं कर पाए वह काम मोदी सरकार ने करके दिखा दिया तो उनके पेट में दर्द हो रहा है। जिन सुधारों का कांग्रेस अपने घोषणा पत्र में जिक्र करती है वह जब हो जाता है तो विरोध करती है।

तोमर ने कहा कि समग्र रूप से खेती के स्वरूप को बदलने की जरूरत है। पीएम मोदी के नेतृत्व में वह प्रयास हो रहा है, जो खेती की नींव को स्थायी रूप से मजबूत करेगा। किसान महंगी फसलों की ओर जाएं, तकनीक से जुड़ें, उन्हें फसल का सही मूल्य मिले, इसकी बहुत जरूरत है। खाद और यूरिया को लेकर पहले बहुत दिक्कत थी लेकिन अब यह समस्या कम हो चुकी है।

पंजाब ने कृषि कानूनों के खिलाफ प्रस्ताव पास क‍िया, MSP पर फसल न खरीदी तो 3 साल की जेल

उधर, आज पंजाब विधानसभा में केंद्र सरकार के तीन नए कृषि कानूनों को पंजाब में निष्प्रभावी करने के लिए तीन बिल पेश किए गए, जिसे विधानसभा ने सर्वसम्मति से पास कर दिया। सदन के नेता मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि आपातकालीन सत्र में बिल लाने में देरी हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार कृषि कानूनों को वापस ले। वह इस संबंध में केंद्र को तीन पत्र भी लिख चुके हैं। पंजाब विधानसभा में केंद्र के कृषि कानूनों को निष्प्रभावी करने के लिए एक साथ एक प्रस्ताव व तीन बिल पेश किए गए। केंद्र के तीन कृषि कानूनों के प्रभाव को राज्य में रोकने के लिए पंजाब सरकार ने जो तीन बिल पेश किए हैं उनमें किसानों की आशंकाओं को दूर करने की कोशिश की गई है। मंडियों के बाहर खरीद करने वालों को कोई टैक्स अदा न करने के प्रावधान को रोकने के लिए पंजाब सरकार ने अपने कानून में कहा है कि पंजाब राज्य में कहीं भी गेहूं और धान न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम पर नहीं खरीदा जा सकेगा, अगर कोई कंपनी कॉरपोरेट व्यापारी आदि ऐसा करते हैं तो उन्हें 3 साल का सजा और जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

AIB News