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सांवेर में तुलसी सिलावट की राह आसान, रुठे जगमोहन की हुई घर वापसी

इंदौर: विधानसभा उपचुनाव में अपनी पकड़ मजबूत करने में बीजेपी हर संभव प्रयास कर रही है। ऐसे में सबसे अहम पहलू डैमेज कंट्रोल करना होता है और इसमें बीजेपी कुछ हद तक कामयाब भी हुई है। इस कड़ी में सबसे बड़ी कामयाबी इंदौर से मिली है। जहां लंबे समय से नाराज भाजपा नेता की फिर से पार्टी में वापसी हुई है। पार्टी से नाराज जगमोहन वर्मा को मनाने के लिए विधायक आकाश विजयवर्गीय और विधायक रमेश मेंदोला उनके घर पहुंचे और आखिरकार सफल भी हो गए। इससे पहले भी पूर्व भाजपा नेता जगमोहन वर्मा को मनाने नगर अध्यक्ष गौरव रणदिवे और विधायक आकाश विजयवर्गीय उनके घर पहुंचे थे। जहां तक कि प्रदेश प्रवक्ता उमेश शर्मा ने वर्मा के पैर तक दबा दिए कि वे पार्टी को ना छोड़े। जिसकी तस्वीर काफी वायरल हुई थी।

उपचुनाव से पहले बीजेपी ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। जहां विधायक आकाश विजयवर्गीय और विधायक रमेश मेंदोला ने नाराज जगमोहन वर्मा को भाजपा का पट्टा पहनाकर एक बार फिर से पार्टी की सदस्यता दिलाई। इससे पहले भी जगमोहन को मनाने की कोशिश की गई थी लेकिन वे नहीं माने थे और बागी तेवर दिखाते हुए उन्होंने शिवसेना से उपचुनाव में अपना नामांकन दाखिल किया था। लगातार डैमेज कंट्रोल में जुटे भाजपा नेता एक फिर उनके निवास स्थान पहुंचे और बातचीत की जिसके बाद जगमोहन मान गए।

आपको बता दें कि, जगमोहन वर्मा कई सालों तक सांवेर के पूर्व विधायक और मंत्री प्रकाश सोनकर के साथ रहे हैं और बहुत काम उन्होंने सांवेर में किया है। उनकी घुसपैठ सांवेर के हर घर में हैं लेकिन वे बहुत समय से बीजेपी से नाराज चल रहे थे यही वजह है कि बीजेपी को डर सताने लगा था कि यदि जगमोहन वर्मा निर्दलीय चुनाव लड़ने के लिए खड़े हो जाते हैं तो कहीं ना कहीं भाजपा को बहुत नुकसान उठाना पड़ेगा।

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