मुजफ्फरपुर के एक और राजद विधायक का तेजस्वी यादव ने काटा टिकट, इस वजह से कांग्रेसी हो रहे खुश

मुजफ्फरपुर। बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दूसरे चरण के नामांकन के अंतिम समय में प्रमुख गठबंधन ने अपने उम्मीदवारों के नाम तय किए। इसमें साहेबगंज सीट से एनडीए के घटक दल वीआइपी ने पूर्व विधायक राजू कुमार सिंह को और बोचहां से पूर्व विधायक मुसाफिर पासवान को मैदान में उतारा। वहीं पारू से कांग्रेस ने अनुनय सिंह पर भरोसा जताया। इन दोनाें सीटों पर नामांकन की अंतिम तिथि शुक्रवार यानी आज है। अभी सबसे बड़ी राजद खेमे से आ रही है। उसने अपने एक और विधायक का टिकट काट दिया है। इतना ही नहीं इस सीट को अपने सहयोगी कांग्रेस को दे दिया है। यहां से अब उमेश राम सकरा कांग्रेस के उम्मीदवार होंगे।

कांग्रेस में अंत समय तक बना रहा सस्पेंस

महागठबंधन में शामिल प्रमुख पार्टी कांग्रेस के टिकट बंटवारे में अंत तक सस्पेंस बना रहा। हालांकि, पार्टी को इसबार कोटे की सीट के मामले में लाभ मिला। पिछले चुनाव में जिले से कांग्रेस के कोटे में एक भी सीट नहीं आई थी। इसबार तीन सीट मिली। इसमें राजद की सिटिंग सीट सकरा भी शामिल है। यहां से कांग्रेस ने उमेश राम को उम्मीदवार बनाया है। वहीं मुजफ्फरपुर से विजेंद्र चौधरी व पारू से अनुनय सिंह के नाम पर मुहर लगाई। पारू में भाजपा की तरह कांग्रेस ने भी सवर्ण कार्ड खेला। भाजपा ने राजपूत तो कांग्रेस ने भूमिहार को उम्मीदवार बनाया है। मुजफ्फरपुर में फिर चिर-परिचित प्रतिद्वंद्विता देखने को मिल सकती है।

इससे पहले राजद ने अपने कोटे की सीट पर उम्मीदवार पहले ही तय कर दिए थे। सकरा में मौजूदा विधायक लालबाबू राम को लेकर संशय बना था। अंत में यह सीट कांग्रेस के कोटे में दे दी गई। वहीं पिछले चुनाव में जीती औराई सीट भी माले के कोटे में दे दी थी। गायघाट से विधायक महेश्वर प्रसाद यादव ने पाला बदलकर जदयू का दामन थाम लिया था। इन सीटों को छोड़कर मौजूदा तीन विधायकों को मैदान में उतारा। कांटी व गायघाट में नए चेहरे क्रमश: इसराइल मंसूरी व निरंजन राय को उम्मीदवार बनाया।

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