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लद्दाख की ठंड ने बिगाड़ा चीन का खेल, तापमान गिरते ही सैनिकों की हालत हुई खराब

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देश की सेना पूर्वी लद्दाख में चीन का सामना करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। सर्दी के मौसम में अगर जंग के हालात बन जाते हैं, तो भी चीन का सामना भारत की एक ऐसी सेना से होगा जो कि सक्षम होगी। हालांकि चीन की सेना ठंड को झेल नहीं पा रही है, जिसके चलते एक सैनिक की मौत हो गई।

उत्तरी किनारे के फिंगर एरिया के उच्च ऊंचाई वाले स्थानों पर जमे बैठे चीनी सैनिक अभी तक हटने को तैयार नहीं थे लेकिन तापमान गिरते ही उनकी हालत खराब होने लगी है। सूत्रों की मानें तो पिछले एक हफ्ते से एलएसी के करीब बड़ी संख्‍या में पीएललए के सैनिकों के शवों को निकाला जा रहा है। यहां पर स्‍ट्रेचर के जरिए बीमार सैनिकों को पास ही बनाए गए अस्‍थायी केंद्र पर ले जाया जा रहा है।

दरअसल 15,000 से 16,000 फीट वाले हिस्‍सों में भारत और चीन के सैनिक अभी तक जमे हुए है। भारतीय सेना ने हाल ही में दावा किया था कि चीन जिस सेना के बल पर प्रोपोगैंडा फैला रहा है, उसके जवानों को फील्ड और ऊंचे इलाकों में जंग का कोई अनुभव नहीं है। ये लोग शहरी इलाकों से आते हैं और इन्हें जमीनी हालात का कोई अंदाजा नहीं। इसके साथ ही सेना ने यह भी दवा किया था​ कि लद्दाख में पड़ने जा रही कड़ाके की ठंड को लेकर भारतीय सेना पूरी तरह से तैयार है।

सेना ने बताया था कि ठंड के दौरान हमारी तैयारियां पूरी तरहे से नियंत्रण में हैं। हमारे पास ज्यादा कैलरी और न्यूट्रिशन वाला राशन, ईंधन, तेल, कपड़े, हीटिंग अप्लायंस पर्याप्त मात्रा में मौजूद हैं। फिलहाल सेना इन वाहनों के लिए इनके लिए 3 प्रकार के ईंधनों का उपयोग कर रही है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके की कठोर सर्दियों के दौरान ईंधन जम न जाए। जवानों के लिए ठहरने व खाने-पीने की व्यवस्था की जा रही है। जवानों को ठंड से बचाव के लिए अत्याधुनिक गर्म कपड़े और वर्दियों के अलावा ध्रुवीय क्षेत्रों में इस्तेमाल होने वाले टेंट उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

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