Cover
ब्रेकिंग
EOW ने नगर निगम के सिटी प्लानर को 50 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा, नगर निगम ने पद से हटाया पति बनाना चाहता है मुस्लिम, घर में देवी देवताओं की तस्वीरें भी नहीं रखने देता, महिला पहुंची थाने दिल्ली पुलिस में कांसटेबल भर्ती परीक्षा में धांधली कराने वाले 12 आरोपी गिरफ्तार कोरोना काल में आगरा जेल से पैरोल पर छोड़े गए 114 बंदियों में 85 नहीं हुए हाजिर सोमवार को SCO समिट में हिस्सा लेंगे पीएम मोदी, चौथी बार आमने सामने होंगे भारत-चीन जम्मू-कश्मीरः DDC चुनाव में दिखा लोगों का उत्साह, पहले चरण में 52 फीसदी वोटिंग कोरोना वैक्‍सीन के लि‍ए पीएम मोदी सीरम इंस्‍टीट्यूट पहुंचे, ली जानकारी गुजरात में अलंग शिप यार्ड के अपग्रेडेशन के लिए एनजीटी ने किया हस्तक्षेप करने से इन्कार राजनाथ बोले, एक सीमा तक शांति के मार्ग पर चलता रहेगा भारत, मोदी सरकार में हर मोर्चे पर मजबूती से डटा है देश सीमा पार के आतंकियों को खटक रहा घाटी का अमन चैन, सेना प्रमुख बोले- LoC पार बड़ी संख्‍या में लॉन्चिंग पैड मौजूद

रिहाई के बाद बोली महबूबा मुफ्ती-नहीं भूली हूं काले दिन का काला फैसला, 370 के लिए होगा संघर्ष

जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती को उनके विरुद्ध जन सुरक्षा कानून (पीएसए) के तहत लगाए गए आरोपों को इस केंद्रशासित प्रदेश के प्रशासन द्वारा हटा लिए जाने के बाद मंगलवार रात रिहा कर दिया गया। पिछले साल आर्टिकल-370 को निष्प्रभावी बनाए जाने के बाद उन्हें हिरासत में लिया गया था। वहीं रिहा होने के बाद महबूबा मुफ्ती ने 1 मिनट 23 सेकेंड का एक ऑडियो मैसेज रिलीज किया। ऑडियो मैसेज में महबूबा ने कहा कि उस काले दिन का काला फैसला आज भी उनके दिमाग में खटकता रहा है।

महबूबा ने कहा कि एक साल से ज्यादा समय तक हिरासत में रहने के बाद मुझे रिहा कर दिया गया है, उस काले दिन का काला फैसला मेरे दिल और रुह पर हर पल वार करता रहा, मुझे यकीन है कि ऐसी ही स्थिति जम्मू-कश्मीर के लोगों की भी रही होगी। महबूबा ने कहा कि केंद्र सरकार ने जो लोगों की बेइज्जती की है उसे जनता नहीं भूलेगी। आर्टिकल-370 को अवैध फैसला बताते हुए मुफ्ती ने कहा कि जम्मू कश्मीर के लोग इस फैसले को बदलने के लिए एकमत होकर लड़ेंगे और कश्मीर से जुड़े मुद्दों के निपटारे के लिए साथ मिलकर काम करेंगे जो हजारों जिंदगियां निगल गईं हैं।

महबूबा (60) को पिछले साल पांच अगस्त को पहले एहतियाती हिरासत में रखा गया था और बाद में छह फरवरी को उन पर कठोर पीएसए कानून लगा दिया गया। उन्हें सात अप्रैल को उनके सरकारी निवास में ले जाया गया जिसे प्रशासन ने पहले उप-जेल घोषित किया था। उनकी हिरासत इस साल 31 जुलाई को तीन महीने के लिए बढ़ा दी गई थी। महबूबा की बेटी इल्तिजा ने खुशी प्रकट करते हुए कहा कि उनकी मां आखिरकार हिरासत से मुक्त कर दी गई।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

AIB News