ब्रेकिंग
पेट्रोल-डीजल बचत पर बड़ा फैसला: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घटाया अपना कारकेड हरियाणा की 5.72 लाख रुपए कीमत की अवैध शराब पकड़ाई, इंदौर आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई ट्रैक्टर का चालक नशे में मिला, इंदौर ट्रैफिक पुलिस की सतर्कता से टला बड़ा हादसा! ट्रैक्टर पर लगा था नगर निगम का बोर्ड नगर निगम कार्य में लगे ट्रैक्टर का चालक नशे में पकड़ा, ट्रैफिक पुलिस की सतर्कता से टला हादसा किसानों को बड़ी राहत: गेहूँ उपार्जन का 10,403 करोड़ रुपये भुगतान, 23 मई तक जारी रहेगी खरीदी विद्यार्थियों को दूसरा मौका, सपनों को नई उड़ान देने का संकल्प : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पीले चावल बांटकर किसान आंदोलन का न्योता, 7 मई 2026 के चक्काजाम से पहले की जारी की गई एडवाइजरी इंदौर में अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन सट्टा गिरोह का भंडाफोड़, ‘डायमंड सर्वर’ से चल रहा था नेटवर्क 23,437 करोड़ की 3 बड़ी रेलवे परियोजनाओं को मंजूरी, 6 राज्यों में बढ़ेगा रेल नेटवर्क इंदौर आबकारी विभाग की कार्रवाई: स्कूटर से शराब जब्त, दो आरोपी गिरफ्तार

राजनाथ सिंह आज एंटी-सैटेलाइट मिसाइल सिस्टम के मॉडल का करेंगे उद्घाटन, होगी तकनीकी उन्नति

नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज दिल्ली में रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) मुख्यालय में एंटी-सैटेलाइट मिसाइल सिस्टम के मॉडल का उद्घाटन करेंगे। इस मॉडल को राष्ट्रीय तकनीकी उन्नति के प्रतीक के रूप में देखा जाता है।

इसके बाद अब एक बार फिर से एंटी सैटेलाइट मिसाइल सिस्टम फिर से चर्चा में आ गया है। बता दें कि भारत साल 2019 में मिशन शक्ति के तहत सैटेलाइट सिस्टम का सफल परीक्षण भी कर चुका है। यानी इस परीक्षण के बाद अमेरिका और रूस जैसे देशों के क्लबों में शामिल हो गया है। इस मिसाइल के जरिए भारत को यह बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। इस मिसाइल के तहत अंतरिक्ष में मार करने वाले मिसाइल की तकनीक हासिल हो गई है। बता दें कि  इससे पहले यह शक्ति केवल अमेरिका, रूस और चीन के पास थी।

आज राजनाथ सिंह द्वारा एंटी सैटेलाइट मिसाइल के डिजाइन को पेश किया गया है। यह तकनीकी क्षेत्र में उन्नत विकास को तो दर्शाता ही है साथ ही अगर दुश्मन देशों के लिए चेतावनी है कि अगर वह गलत इरादे कुछ भी करेगा तो उन्हें ध्वस्त कर दिया जाएगा।

बता दें कि इससे पहले भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने इससे पहले श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेश सेंटर में शानिवार को अंतरिक्ष यान पीएसलवी-सी-49 लॉन्च किया था। इसके जरिए एक साथ 10 सैटेलाइट को सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया था। इसके जरिए भारत का ईओएस-1 सैटेलाइट सभी मौसम में धरती पर नजर रख पाएगा। इसमें अन्य 9 सेटलाइट दूसरे देशों की है। इस दौरान पीएम मोदी ने इसको और भारत को अंतरिक्ष क्षेत्र को इसके लिए बधाई दी थी।

गौरतल है कि इसरो का यह 51वां मिशन था। इसके बाद विभिन्न अभियानों के तहत भेजे गए सेटेलाइट की संख्या 328 हो गई है। कोरोना महामारी के कारण पिछले काफी वक्त से सेटेलाइट लांच कार्यक्रम रोक दिया गया था। इससे पहले पिछले साल 11 दिसंबर को आरआइएसएटी-2बीआर1 सेटेलाइट को लांच किया था।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.