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पत्नी को पीटने वाले आरोपित एडीएम भूले मर्यादा, कहा- मैं नहीं मानता महिला आयोग

रायपुर। मध्य प्रदेश के एडीजी पुरुषोत्तम शर्मा की तर्ज पर पत्नी की पिटाई और बच्चों को कब्जे में लेने का मामला छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में भी सामने आया है। यहां के एक एडीएम सुखनाथ अहिरवार ने ना केवल पत्नी की पिटाई की बल्कि जब राज्य महिला आयोग में पत्नी की शिकायत पर सुनवाई हुई तो उन्होंने आयोग की अध्यक्ष को भी धमकाया।

मैं नहीं मानता महिला आयोग को

इतना ही नहीं, उन्होंने कहा कि मैं महिला आयोग को नहीं मानता। आयोग की अध्यक्ष डा. किरणमयी नायक ने पूरे मामले की शिकायत मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और मुख्य सचिव आरपी मंडल से की है। नायक ने कहा कि जब मध्य प्रदेश में एडीजी को तत्काल बर्खास्त किया जा सकता है, तो यहां एसडीएम पर क्यों कार्रवाई नहीं हो सकती।

सुनवाई के दौरान एडीएम ने राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष को भी धमकाया

डा. नायक ने कहा कि जो अधिकारी आयोग के सामने बदसलूकी कर सकता है, वह अपने घर में पत्नी के साथ मारपीट जरूर करता होगा। अहिरवार की शिकायत की गई है। विभागीय जांच के बाद आगे की कार्रवाई होगी। आयोग की सुनवाई के दौरान एडीएम ने तैश में आकर कहा कि वे महिला आयोग को नहीं मानते, जिसे जो करना हो कर ले। महिला आयोग हमारे मामले में कुछ ना करे। आयोग को कोई अधिकार नहीं है।

पत्नी को पीटने और बच्चों को कब्जे में रखने के आरोपित अधिकारी भूले मर्यादा

गौरतलब है कि अहिरवार की पत्नी ने शिकायत की है कि उनके पति उच्चाधिकारी हैं। उन्होंने दोनों बेटियों को जबरदस्ती अपने पास रखा है और मुझे मारपीट कर घर से निकाल दिया है। वहीं, कोरिया कलेक्टर सत्यनारायण राठौर ने कहा कि अभी तक महिला आयोग का कोई पत्र नहीं मिला है। आयोग के पत्र के बाद ही तय हो पाएगा कि क्या कार्रवाई की जाएगी।

एक वर्ष पहले रायगढ़ में पुलिस से की थी शिकायत

अहिरवार की पत्नी का मायका रायपुर में है। करीब एक वर्ष पहले अहिरवार रायगढ़ में पदस्थ थे। पत्नी ने बीते वर्ष नवंबर में वहां चक्रधरनगर थाने में पति व ससुराल वालों पर मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना की शिकायत की थी। उन्होंने बताया था कि पति उनके साथ नौ वर्षो से मारपीट कर रहे हैं। उन्हें कमरे में बंद कर दोनों बेटियों को अपने साथ लेकर चले गए हैं। पति के खिलाफ उन्होंने पहले भी थाने में शिकायत की थी, लेकिन बेटियों के भविष्य को देखते हुए शिकायत को वापस ले लिया था।

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