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MP में कलेक्टर ने खुद को लगाया जुर्माना, प्रदेश में संभवत पहला अनोखा मामला

राजगढ़: मध्य प्रदेश के राजगढ़ से एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है जहां कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने एक खुद को जुर्माना लगाया है। कलेक्टर ने यह अनोखी कार्रवाई सीएम हेल्पलाइन में लापरवाही बरतने पर की है। इसके कार्रवाई में कलेक्टर ने 1139 अधिकारी-कर्मचारियों पर 1 लाख से ज्यादा का जुर्माना लगाया है साथ ही खुद पर भी 100 रुपये का जुर्माना लगाया है। कलेक्टर द्वारा खुद पर जुर्माने की कार्रवाई संभवत: प्रदेश की पहली कार्रवाई है।

दरअसल,  सोमवार को कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने समाधान ऑनलाईन, प्रधानमंत्री आवास, मनरेगा, सी.एम. हेल्पलाइन, जनसुनवाई तथा जनप्रतिनिधि और सी.एम. मेनीट के लंबित प्रकरणों की विभागवार समीक्षा की थी, जिसमें उन्होंने एल 1 से एल 2 तथा एल 2 से एल 3 की शिकायतों पर विभागीय अधिकारियों द्वारा किसी भी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। इस पर एक्शन लेते हुए कलेक्टर ने खुद के साथ साथ प्रति शिकायत 100 रूपये के मान से 1139 शिकायतों पर एक लाख 13 हजार से भी अधिक राशि का जुर्माना लगाया।

अपने आप में प्रदेश का पहला मामला
यह संभवत प्रदेश का पहला ऐसा मामला है जब जिला कलेक्टर ने खुद को फाइन लगाया हो। फाइन ही नहीं राजगढ़ कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी विभागीय अधिकारी 1 सप्ताह के अंदर अभियान चलाकर सी.एम. हेल्पलाइन समाधान ऑनलाइन समय सीमा निर्धारित पत्रों जनसुनवाई और जनप्रतिनिधियों से प्राप्त पत्र का निराकरण करना सुनिश्चित करें।

अधिकारियों की ली समीक्षा बैठक
कलेक्टर नीरज कुमार ने समीक्षा के दौरान उन्होने पशु चिकित्सा विभाग के सहायक क्षेत्रीय पशु चिकित्सा अधिकारी छापीहेड़ा और पिपलिया कला के एम.एस. मंसूरी और पी.एस. दांगी को केसीसी से संबंधित कार्य नहीं करने के कारण निलंबित करने के निर्देश दिए। उन्होंने इसी प्रकार निर्धारित समय सीमा में पत्रों का निराकरण नहीं करने के कारण मुख्य कार्यपालन अधिकारी सारंगपुर, लोकशिक्षण विभाग, पी.एम.जी.एस.वाई. तथा सारंगपुर तहसीलदार को शोकॉज नोटिस जारी करने के लिए निर्देशित किया। राजगढ़ तहसीलदार पर भी बैठक में शामिल न होने को लेकर कारण बताओं नोटिस जारी किया।

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