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हाथरस कांड: रात में अंतिम संस्कार पर प्रशासन को फटकार, कोर्ट के समझ पीड़ित पक्ष ने रखी 3 मांग

लखनऊ: हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में हाथरस कांड की सुनवाई समाप्त हो गई है। सुनवाई के दौरान पीड़ित पक्ष ने पुलिस प्रशासन पर कई गंभीर आरोप लगाए। पीड़ित परिवार की अधिवक्ता सीमा कुशवाहा ने कहा कि परिवार ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि बिटिया के शरीर का कथित तौर पर मनमाने तरीके से, परिवार की मर्जी के बिना और रातोरात अंतिम संस्कार कराया गया है। रात में अंतिम संस्कार को लेकर हाईकोर्ट ने पुलिस प्रशासन को जमकर फटकार लगाई। बता दें कि इस मामले की अगली सुनवाई 2 नवंबर को होगी।

पीड़ित परिवार ने रखी 3 मांग
वकील सीमा कुशवाहा ने हाईकोर्ट के सामने पीड़ित परिवार की 3 मांग रखी। पहली मांग में पीड़ित परिवार ने कहा- सीबीआई की रिपोर्टों को गोपनीय रखा जाए। दूसरी मांग-मामला यूपी से बाहर स्थानांतरित कर दिया जाए। तीसरी और अंतिम मांग-मामले को पूरी तरह से समाप्त होने तक परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए।

हाईकोर्ट में पीड़िता के परिजनों के अलावा कई अधिकारी हुए पेश
हाईकोर्ट में पीड़िता के परिजनों के अलावा अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह विभाग) अवनीश के अवस्थी, डीजीपी एचसी अवस्थी और स्थानीय प्रशासन, डीएम और एसपी सहित अन्य अधिकारी भी कोर्ट में मौजूद रहे। पीड़ित परिवार से पांच लोग सीओ और मजिस्ट्रेट की निगरानी में कोर्ट के सामने पेश हुए और अपना बयान दर्ज कराया।

भारी पुलिस सुरक्षा के बीच हुई पेशी 
पेशी के लिए परिवार भारी पुलिस सुरक्षा के बीच सोमवार सुबह 11 बजे के करीब लखनऊ पहुंचा। एसडीएम अंजली गंगवार, सीओ शैलेन्द्र बाजपेयी, जनपद के डीएम प्रवीन लक्ष्यकार व एसपी भी पीड़ित परिवार के साथ लखनऊ पहुंचे हैं। छह गाडिय़ों के काफिले के साथ पीड़ित परिवार के पांच सदस्य लखनऊ हाईकोर्ट पहुंचे। उक्त मामला ‘गरिमापूर्ण ढंग से अंतिम संस्कार के अधिकार’ टाइटिल के तहत न्यायमूर्ति पंकज मित्तल व न्यायमूर्ति राजन रॉय की खंडपीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया गया।

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