Cover
ब्रेकिंग
दिल्ली सीमा पर डटे किसानों को हटाने पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, CJI बोले- बात करके पूरा हो सकता है मकसद UP के अगले विधानसभा चुनाव में ओवैसी-केजरीवाल बिगाड़ सकते हैं विपक्ष का गणित सावधान! CM योगी का बदला मिजाज, अब कार से करेंगे किसी भी जिले का औचक निरीक्षण संसद का शीतकालीन सत्र नहीं चलाने पर भड़की प्रियंका गांधी पाक सेना ने राजौरी मे अग्रिम चौकियों पर गोलीबारी की संत बाबा राम सिंह की मौत पर कमलनाथ बोले- पता नहीं मोदी सरकार नींद से कब जागेगी गृह मंत्री के विरोध में उतरे पूर्व सांसद कंकर मुंजारे गिरफ्तार, फर्जी नक्सली मुठभेड़ को लेकर तनाव मोबाइल लूटने आए बदमाश को मेडिकल की छात्रा ने बड़ी बहादुरी से पकड़ा कांग्रेस बोलीं- जुबान पर आ ही गया सच, कमलनाथ सरकार गिराने में देश के PM का ही हाथ EC का कमलनाथ के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश, चुनाव में पैसे के गलत इस्तेमाल का आरोप

हाथरस की पीड़िता के परिवार को धमकाना बंद करे उप्र सरकार: प्रियंका गांधी

नई दिल्ली: कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने शनिवार को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा हाथरस की पीड़िता के परिवार को नार्को टेस्ट की धमकी दिए जाने का आरोप लगाया और कहा कि इस परिवार को धमकाना बंद कीजिए। उन्होंने ट्वीट किया, उप्र सरकार नैतिक रूप से भ्रष्ट है। पीड़िता को इलाज नहीं मिला, समय पर शिकायत नहीं लिखी, शव को जबरदस्ती जलाया, परिवार कैद में है, उन्हें दबाया जा रहा है – अब उन्हें धमकी दी जा रही कि नार्को टेस्ट होगा। ये व्यवहार देश को मंजूर नहीं।

 कांग्रेस की उत्तर प्रदेश प्रभारी ने कहा, पीड़िता के परिवार को धमकाना बंद कीजिए।” उधर, कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य और वरिष्ठ वकील विवेक तन्खा ने कहा कि अगर परिवार को लोगों से मिलने पर लगी रोक नहीं हटाई गई तो वह अदालत का रुख करेंगे। उन्होंने ट्वीट किया, हाथरस की पीड़िता के परिवार को किसी से मिलने से रोके जाने को लेकर कपिल सिब्बल से चर्चा की । यह इस परिवार के मौलिक अधिकार का घोर हनन है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सलाह है कि वह यह रोक हटाएं, नहीं तो हम अदालत का रुख करेंगे।

गौरतलब है कि 14 सितम्बर को हाथरस में चार युवकों ने 19 वर्षीय दलित लड़की से कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार किया था और मंगलवार को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उसकी मौत हो गई जिसके बाद बुधवार की रात को उसके शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। पीड़िता के परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें रात में अंतिम संस्कार करने के लिए बाध्य किया। बहरहाल, स्थानीय पुलिस का कहना है कि परिवार की इच्छा के मुताबिक अंतिम संस्कार किया गया।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

AIB News