Cover
ब्रेकिंग
दिल्ली सीमा पर डटे किसानों को हटाने पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, CJI बोले- बात करके पूरा हो सकता है मकसद UP के अगले विधानसभा चुनाव में ओवैसी-केजरीवाल बिगाड़ सकते हैं विपक्ष का गणित सावधान! CM योगी का बदला मिजाज, अब कार से करेंगे किसी भी जिले का औचक निरीक्षण संसद का शीतकालीन सत्र नहीं चलाने पर भड़की प्रियंका गांधी पाक सेना ने राजौरी मे अग्रिम चौकियों पर गोलीबारी की संत बाबा राम सिंह की मौत पर कमलनाथ बोले- पता नहीं मोदी सरकार नींद से कब जागेगी गृह मंत्री के विरोध में उतरे पूर्व सांसद कंकर मुंजारे गिरफ्तार, फर्जी नक्सली मुठभेड़ को लेकर तनाव मोबाइल लूटने आए बदमाश को मेडिकल की छात्रा ने बड़ी बहादुरी से पकड़ा कांग्रेस बोलीं- जुबान पर आ ही गया सच, कमलनाथ सरकार गिराने में देश के PM का ही हाथ EC का कमलनाथ के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश, चुनाव में पैसे के गलत इस्तेमाल का आरोप

फ्रांस के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले कांग्रेस MLA पर शिवराज सरकार का बड़ा एक्शन, ढहाई कॉलेज बिल्डिंग

भोपाल: कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पहले बीते दिनों फ्रांस के राष्ट्रपति के खिलाफ हजारों लोगों के साथ प्रदर्शन आयोजित करने पर उनके साथ अन्य छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया, अब गुरुवार सुबह उनके खिलाफ अवैध कब्जे को लेकर बड़ी कार्रवाई की गई है। भोपाल स्थित खानू गांव में निगम द्वारा उनके कॉलेज पर बुलडोजर चलाया गया है। इस मौके पर भारी पुलिस बल भी मौजूद रहा। बताया जा रहा है कि तालाब के कैचमेंट एरिया में निर्मित बिल्डिंगों पर बुलडोजर चलाया गया है। वहीं यूथ कांग्रेस और कॉलेज के लोग काली पट्टी बांधकर अतिक्रमण हटाने की इस कार्रवाई का विरोध जता रहा है। बता दें कि दस साल में करीब 1000 एकड़ का कैचमेंट खत्म कर दिया गया है।

विधायक आरिफ मसूद बोले- बदले की भावना से की गई कार्रवाई
कार्रवाई होने के बाद आरिफ मसूद ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह कार्रवाई मुझ पर दबाव बनाने और बदले की भावना से की गई है। न्यायालय की रोक के बावजूद भी कार्रवाई को अंजाम दिया गया। इस दौरान उन्होंने अपने समर्थकों से शांति की अपील की है। उन्होंने कहा कि कॉलेज के छात्र परेशान न हो उनकी पढाई जारी रहेगी।

यह बीजेपी सरकार दमन और डराने का काम कर रही है। हम लोकतंत्र और संविधान पर भरोसा करने वाले लोग है घबराने की ज़रूरत नहीं है। बच्चों को अगर मैदान में भी पढ़ाना पड़े तो हम पढ़ाएंगे और कानूनी कार्रवाई की लड़ाई भी लड़ेंगे।

फ्रांस के खिलाफ प्रदर्शन पर बोले-
फ्रांस के खिलाफ प्रदर्शन को लेकर कहा कि मेरा प्रदर्शन किसी धर्म के खिलाफ नहीं था। मेरे धर्म के खिलाफ बोला गया इसलिए मैंने प्रदर्शन किया। उसका रिएक्ट करने का मुझे संवैधानिक अधिकार है।

मुझे जानकारी मिली की खानू गांव स्थित मेरे कॉलेज के एक हिस्से को तोड़ दिया गया है जबकि न्यायालय से मुझे परमिशन मिल चुंकि है। यह बीजेपी सरकार दमन और डराने का काम कर रही है। हम लोकतंत्र और संविधान पर भरोसा करने वाले लोग है घबराने की ज़रूरत नहीं है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

AIB News