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सालों बाद फिर ‘चर्चा’ में आईं पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल, जानिए क्यों सोशल मीडिया पर हुईं ट्रेंड

साल 2007 से 2012 तक देश की राष्ट्रपति रहीं प्रतिभा देवी सिंह पाटिल सोशल मीडिया से दूर ही रहती हैं लेकिन सोमवार को अचानक वो ट्विटर पर ट्रेंड करने लग गईं। दरअसल किसी ने एक पोल डाला था जिसमें लोगों से देश के अब तक के सबसे अच्छे और सबसे खराब राष्ट्रपति पर उनकी राय पूछी गई थी। बस फिर क्या था पोल के रिप्लाई में सबसे खराब राष्ट्रपति के तौर पर प्रतिभा पाटिल का नाम लिया।

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ट्विटर यूजर @Atheist_Krishna ने अपने एक ट्वीट में लोगों से उनके हिसाब से सबसे अच्छे और सबसे खराब राष्ट्रपति पर राय मांगी थी। यूजर्स ने रिप्लाई में सबसे अच्छे राष्ट्रपति के तौर पर एपीजे अब्दुल कलाम, राजेंद्र प्रसाद, प्रणव मुखर्जी, एस. राधाकृष्णन का नाम लिया तो सबसे खराब राष्ट्रपति के तौर पर इमरजेंसी के दौरान देश के राष्ट्रपति रहे फखरुद्दीन अली अहमद और प्रतिभा पाटिल का नाम प्रमुख तौर पर लिया गया।

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तोहफों पर हुआ था विवाद
प्रतिभा पाटिल का राष्ट्रपति के तौर पर कार्यकाल विवादों भरा रहा है। राष्ट्रपति पद से हटने के बाद भी विवादों ने उनका पीछा नहीं छोड़ा। दरअसल राष्ट्रपति पद से हटने के बाद प्रतिभा पाटिल को जितने भी बेशकीमती तोहफे मिले थे वह उनको अपने साथ अमरावती वे गई थीं। संविधान विशेषज्ञों ने पाटिल के इस व्यवहार को परंपरा के उलट बताया था क्योंकि इन तोहफों को तोशखाने में जाना चाहिए था। माना जा रहा है कि पाटिल को अपने कार्यकाल के दौरान 150 से ज्यादा तोहफे मिले। इनमें तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की तरफ से दिया गया एक तोहफा और अमृतसर के स्वर्ण मंदिर का सोने का छोटा प्रतीक भी शामिल थे। विवाद गहराने पर पाटिल के ट्रस्ट ने इन तोहफों को लौटा दिया था।

गाड़ियों की डिमांड कर विवादों में आईं
साल 2015 में भी प्रतिभा पाटिल विवादों के कारण सुर्खियों में आई थीं। खबरें थी कि प्रतिभा पाटिल ने तब सरकार से अपने लिए ज्यादा सहूलियतों की मांग की थी। खबरों के मुताबिक तब पाटिल ने मांग की थी कि वे अपनी निजी गाड़ी का इस्तेमाल करेंगी और इसके रखरखाव और पेट्रोल का खर्च सरकार दे। वहीं पुणे से बाहर जाने के लिए उन्होंने सरकारी गाड़ी की मांग की थी। तब गृह मंत्रालय ने उनसे कोई एक मांग चुनने को कहा था। तब भी इस खबर को लेकर सोशल मीडिया में काफी चर्चा हुई थी।

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