Cover
ब्रेकिंग
शादी के बाद एक्स ब्वॉयफ्रेंड कुशाल टंडन से टकराईं गौहर ख़ान, दिया ये रिएक्शन राहुल के इटली ट्रिप पर भाजपा का निशाना, शिवराज बोले- स्‍थापना दिवस पर ‘9 2 11’ हो गए, कांग्रेस ने दी सफाई पीएम मोदी, भाजपा के अन्य शीर्ष नेताओं ने दी श्रद्धांजलि दर्ज हुए 20 हजार से अधिक संक्रमण के नए मामले, 279 मौत; जानें अब तक का पूरा आंकड़ा उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र रावत Delhi AIIMS में कराएंगे उपचार, कोरोना से हैं संक्रमित देश की पहली ड्राइवरलेस मेट्रो को पीएम ने दिखाई हरी झंडी, दिल्ली में रफ्तार भरने लगी ट्रेन किसान नेता राकेश टिकैत को फोन पर मिली जान से मारने की धमकी, जांच में जुटी पुलिस Year 2021- नया साल लेकर आ रहा ग्रहण के चार गजब नजारे, पूर्ण चंद्रग्रहण से होगी शुरुआत शीतकालीन सत्र पर बोले नरोत्तम, सरकार की कोशिश कि इसे न टाला जाए, कांग्रेस पर भी साधा निशाना MP के इस गांव में न सड़क है न कोई सुविधा, खाट पर रखकर ग्रामीण 3 KM ले गए शव

शिक्षा मंत्री निशंक अंतरराष्ट्रीय वातायन लाइफ टाइम अटीचमेंट अवार्ड से आज होंगे सम्मानित

नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक को वातायन अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। उन्हें यह सम्मान 21 नवंबर को आयोजित एक वर्चुअल कार्यक्रम में दिया जाएगा। प्रसून जोशी, जावेद अख्तर, निदा फाजली जैसे साहित्यकारों को यह सम्मान मिल चुका है।

साहित्य के क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए दिया गया यह सम्मान

ब्रिटेन स्थित फ्रेडरिक पिनकॉट यूके अवार्ड 2014 की विजेता संस्था वातायन की ओर से यह पुरस्कार साहित्य और कला के क्षेत्र से जुड़े विद्वानों को दिया जाता है। निशंक को यह सम्मान साहित्य के क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए दिया गया है।

कोरोना के चलते वातायन-यूके सम्मान का आयोजन वर्चुअल रहेगा

निशंक को उनके साहित्य, गंगा के लिए समर्पित अभियान स्पर्श गंगा जैसी उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया जा चुका है। शनिवार को मिलने वाला पुरस्कार विशुद्ध रूप से साहित्य के लिए है। कोरोना के चलते वातायन-यूके सम्मान का आयोजन फिलहाल वर्चुअल ही रहेगा। इस मौके पर विशिष्ट अतिथि प्रसिद्ध लेखक और नेहरू केंद्र लंदन के निदेशक डॉ अमीश त्रिपाठी होंगे। वातायन की अध्यक्ष मीरा कौशिक के साथ केंद्रीय हिंदी शिक्षण मंडल आगरा के उपाध्यक्ष कवि अनिल शर्मा जोशी और वाणी प्रकाशन की कार्यकारी निदेशक अदिति माहेश्वरी इस मौके पर मौजूद रहेंगे।

निशंक अब तक 75 से ज्यादा पुस्तकें लिख चुके हैं

वातायन संस्था ने इस पुरस्कार की शुरूआत 28 नवंबर 2003 को महान रोमांटिक कवि विलियम ब्लेक के जन्मदिन के अवसर पर प्रसिद्ध भाषा वैज्ञानिक डॉ सत्येंद्र प्रसाद ने शुरू की थी। निशंक अब तक 75 से ज्यादा पुस्तकें लिख चुके हैं। जिनका कई विदेशी भाषाओं में अनुवाद भी किया जा चुका है।

नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लाने में निशंक की अहम भूमिका रही 

हाल ही में राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लाने और अब उसे तेजी से लागू करने के प्रति उनके समर्पण को देश-दुनिया में काफी सराहा भी जा रहा है। लंबे समय के बाद देश को नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लाने में उनकी अहम भूमिका रही है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

AIB News