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कंप्यूटर बाबा को लेकर दायर हुई बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका

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इंदौर। शांति भंग होने की आशंका में 8 नवंबर को गिरफ्तार किए गए नामदेव त्यागी उर्फ कंप्यूटर बाबा की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही। उनके खिलाफ अब तक तीन केस दर्ज हो चुके हैं। बाबा की दीपावली भी जेल में ही बीती। सेंट्रल जेल में करवट बदलते हुए बाबा की रातें कट रही हैं। शनिवार को उन्हें जिला कोर्ट में पेश किया गया था। जहां से उन्हें 17 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में रखने के आदेश हुए हैं। इस बीच बाबा को लेकर हाई कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर हो गई है। रविवार को छुट्टी के दिन जस्टिस एससी शर्मा और जस्टिस विवेक रूसिया की विशेष युगल पीठ के समक्ष इसकी सुनवाई होगी।

गौरतलब है कि 8 नवंबर को जिला प्रशासन की टीम ने सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर बनाए गए बाबा के गोमटगिरी स्थित आश्रम को जमींदोज करने की कार्रवाई की थी। कार्रवाई के दौरान शांति भंग होने की आशंका के चलते बाबा और उनके समर्थकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। 9 नवंबर को बाबा के समर्थकों को तो एसडीएम कोर्ट से जमानत मिल गई, लेकिन कोर्ट ने बाबा को यह कहते हुए जमानत देने से इंकार कर दिया गया कि उन्हें पहले पांच लाख रुपए की बैंक गारंटी पेश करना होगी। दूसरे दिन गुरुवार को बाबा के वकील पांच लाख रुपए की बैंक गारंटी लेकर कोर्ट पहुंचे लेकिन तब तक एसडीएम का तबादला हो चुका था।

इस बीच बाबा के खिलाफ अनुसूचित जाति-जनजाति अधिनियम की धाराओं सहित भादवि की धाराओं में केस दर्ज हो चुके हैं। शुक्रवार को पुलिस ने एक केस में पूछताछ के लिए बाबा को जेल से ही गिरफ्तार कर लिया था। कोर्ट से प्रोडक्शन वारंट जारी होने के बाद शनिवार को पुलिस उन्हें जिला कोर्ट लेकर पहुंची जहां से उन्हें 17 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

शनिवार को याचिका दायर हुई, रविवार को सुनवाई

शनिवार को दीपावली के दिन बाबा ने अपने एक समर्थक के माध्यम से हाई कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर कर दी। बाबा की तरफ से पूर्व अतिरिक्त महाधिवक्ता रविंद्रसिंह छाबड़ा, एडवोकेट विभोर खंडेलवाल, एडवोकेट मुदित माहेश्वरी पैरवी कर रहे हैं। याचिका पर रविवार को सुनवाई होगी।

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