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अफसर पिता ने लौटाया लाखों का दहेज, बोला- मेरी बहु ही मेरा सबसे बड़ा धन

सतना: सतना जिले के केंद्रीय विद्यालय में पदस्थ एक शिक्षक का विवाह देश भर में नजीर बन कर सामने आया है। शिक्षक के पुलिस अधिकारी पिता ने समाज को एक बड़ा सन्देश दिया है। जिसकी सराहना देश भर में हो रही है। दहेज लोलुपता के इस दौर में जब लोग दहेज के एक-एक रूपये के लिए लड़ते-झगड़ते हैं, घरेलु हिंसा को अंजाम देने में शर्म महसूस नहीं करते। तब शिक्षक के पिता ने बेटे के विवाह में दहेज में मिली लाखों रुपये की रकम विवाह मंडप में ही बेटे के ससुर को लौटा दी।

सतना के केंद्रीय विद्यालय क्रमांक एक में पदस्थ शिक्षक कपिल कुमार का विवाह 17 नवम्बर को हरियाणा के यमुनानगर क्षेत्र के गांव खानापुर में रहने वाले प्रतिष्ठित और सम्पन्न परिवार की बेटी शीतल से हुआ। कपिल कुमार का ब्याह देश भर में नजीर बन गया है। उनके विवाह में ऐसा कुछ हुआ जिसने समाज को बेटी को ही धन मानने का सन्देश तो एक बार फिर दिया ही, दहेज की कुप्रथा के गाल पर करारा तमाचा भी जड़ा है। कपिल कुमार की शादी में दुल्हन के मायके पक्ष द्वारा दहेज के तौर पर 51 लाख रूपये दूल्हे यानी कपिल कुमार के पुलिस अधिकारी पिता नेत्रपाल को दिए। नेत्रपाल ने दहेज की यह रकम शादी के मंडप में ही दुल्हन के पिता को सहृदयता के साथ यह कहते हुए वापस कर दी कि दुल्हन ही उनका दहेज है। उन्हें यह रकम नहीं चाहिए। नेत्रपाल के इस कदम की विवाह के दौरान मौजूद सभी घरातियों और बारातियों ने सराहना की और जब यह बात अन्य लोगों को पता चला तो हर कोई प्रशंसा करते हुए नेत्रपाल और कपिल कुमार की मिसाल देने लगा।

केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 1 सतना में पदस्थ शिक्षक कपिल कुमार के पिता नेत्रपाल यूपी पुलिस के अधिकारी हैं। सहारनपुर के वैशाली विहार निवासी नेत्रपाल वर्ष 1988 में यूपी पुलिस सेवा में भर्ती हुए थे। वे अब महिला थाना में SSI हैं। नेत्रपाल का कहना है कि वे हमेशा से शादी में फिजूल खर्ची और दहेज प्रथा के खिलाफ रहे हैं। अपने उप प्रधानाचार्य बेटे कपिल की शादी में भी वे फिजूलखर्ची से बचने बाराती भी कम संख्या में ले गए थे। बारात में सिर्फ परिवार के लोग ही शामिल किये गए थे। बेटे के ससुराल में विवाह मंडप में ही बहू शीतल के पिता ने 51 लाख रुपये दहेज में दिए थे जो उन्हें वहीं मंडप में ही वापस कर दिए गए। घरातियों के जिद करने पर मिलनी के नेग के रूप में सिर्फ 10 रुपये लिए।

युवा खुद करें कुप्रथा का विरोध…
SSI नेत्रपाल का कहना है कि दहेज जैसी कुप्रथा का मिलकर खात्मा करना होगा। शिक्षा का प्रकाश फैलाना होगा। अच्छा हो कि युवा ही इस मुहिम को आगे बढ़ाएं और खुद ही दहेज प्रथा का विरोध शुरू करें। कुछ लोग अब लड़कों की शादी में रिसेप्शन कर रहे हैं जबकि बेटों की शादी में मंढा होता था। प्राचीन परंपरा का पालन किया जाना चाहिए।

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