ब्रेकिंग
दिल्ली सीमा पर डटे किसानों को हटाने पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, CJI बोले- बात करके पूरा हो सकता है मकसद UP के अगले विधानसभा चुनाव में ओवैसी-केजरीवाल बिगाड़ सकते हैं विपक्ष का गणित सावधान! CM योगी का बदला मिजाज, अब कार से करेंगे किसी भी जिले का औचक निरीक्षण संसद का शीतकालीन सत्र नहीं चलाने पर भड़की प्रियंका गांधी पाक सेना ने राजौरी मे अग्रिम चौकियों पर गोलीबारी की संत बाबा राम सिंह की मौत पर कमलनाथ बोले- पता नहीं मोदी सरकार नींद से कब जागेगी गृह मंत्री के विरोध में उतरे पूर्व सांसद कंकर मुंजारे गिरफ्तार, फर्जी नक्सली मुठभेड़ को लेकर तनाव मोबाइल लूटने आए बदमाश को मेडिकल की छात्रा ने बड़ी बहादुरी से पकड़ा कांग्रेस बोलीं- जुबान पर आ ही गया सच, कमलनाथ सरकार गिराने में देश के PM का ही हाथ EC का कमलनाथ के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश, चुनाव में पैसे के गलत इस्तेमाल का आरोप

कोविड-19 के आयुर्वेद आधारित 58 परीक्षणों का 1 मार्च से 25 जून के दौरान हुआ पंजीकरण: आयुष मंत्रालय

[responsivevoice_button voice="Hindi Female" buttontext="खबर सुनें "]

नई दिल्लीः आयुष मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि ‘क्लीनिकल ट्रायल रजिस्ट्री ऑफ इंडिया’ में एक मार्च से 25 जून के बीच कोविड-19 के लिए आयुर्वेद से जुड़े 58 नए प्रायोगिक परीक्षणों का पंजीकरण हुआ। यह राष्ट्र स्तर पर आयुष क्षेत्र में तथ्य आधारित अध्ययनों के बढ़ते रूझान को दिखाता है। मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि इस साल अगस्त में आई खबरों में कहा गया था कि ‘क्लीनिकल ट्रायल रजिस्ट्री ऑफ इंडिया’ (सीटीआरआई) में पंजीकृत 203 प्रायोगिक परीक्षणों में 61.5 प्रतिशत आयुष विषय के थे।

मंत्रालय ने कहा कि इन परीक्षणों से शोधकर्ताओं को भविष्य के अगले कदम को लेकर रणनीति बनाने में मदद मिलेगी और लोगों को कोविड-19 को रोकने में आयुर्वेद की अहमियत का भी पता चलेगा । मंत्रालय ने कहा कि परीक्षण पूरा हो जाने पर परिणाम का जल्द से जल्द प्रकाशन किया जाएगा ताकि नीति-निर्माताओं को इसका फायदा मिले।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.